टेनरी विवाद में इंस्पेक्टर की शिकायतें मिल रही थीं। घटना के समय उनकी मौजूदगी भी पाई गई है। जांच एसीपी अनवरगंज को दी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -प्रमोद कुमार, डीसीपी ईस्ट
सॉल्वर को ले जाते दिखे चार पुलिसकर्मी, सिर्फ दरोगा निलंबित
कर्मचारी चयन आयोग की मल्टी टास्किंग सर्विस की परीक्षा में पकड़े गए सॉल्वर को छोड़ने के मामले में अधिकारियों ने एक दरोगा पर कार्रवाई कर मामले को रफादफा कर दिया। जबकि, सॉल्वर को छोड़े जाने में चार पुलिस कर्मी शामिल थे। इसका खुलासा संस्थान की ओर से पुलिस अधिकारियों को दिए गए सीसीटीवी फुटेज के जरिये हुआ।
सॉल्वर को छोड़े जाने के बाद केंद्र व्यवस्थापक राजीव मिश्रा ने प्रकरण की जानकारी सार्वजनिक की थी। जब रावतपुर पुलिस से सॉल्वर पकड़े जाने की बात पूछी गई तो उन्होंने इन्कार कर दिया था। जानकारी के बाद बुधवार सुबह दरोगा अभिषेक सोनकर समेत कई और पुलिस कर्मियों ने राजीव मिश्रा को धमकाया था। इसके बाद दरोगा को निलंबित कर दिया गया था।
केंद्र व्यवस्थापक ने पुलिस अधिकारियों को फुटेज दी तो सॉल्वर को ले जाते चार पुलिस कर्मी नजर आए। ऐसे में उनकी भूमिका भी संदिग्ध है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर सिर्फ दरोगा पर ही कार्रवाई क्यों हुई। शहर के काकादेव, किदवईनगर, बर्रा और गोविंदनगर कोचिंग मंडी का हब है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि सॉल्वर गिरोह का पूरा नेटवर्क कोचिंग मंडी से ही संचालित होता है, जिनके संपर्क में कई पुलिस कर्मी भी हैं।