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Poor Government Systems: बच्चे का शव हाथों से उठाकर ले गए परिजन, अफसरों ने नहीं मुहैया कराया शव वाहन

Tue, 27 Sep 2022 10:39 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

अकबरपुर में सोमवार को डीसीएम से कुचलकर दो बालकों की मौत हो गई थी। पुलिस प्रशासन ने शव वाहन का इंतजाम करने की बात कही थी, लेकिन आश्वासन के बाद भी पोस्टमार्टम हो जाने के बाद तक वाहन का इंतजाम न हो सका।
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कानपुर देहात बच्चों की मौत का मामला - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कानपुर देहात में अकबरपुर के जैनपुर में सोमवार को डीसीएम से कुचलकर दो बच्चों की मौत हो गई थी। मंगलवार को दोनों बच्चों का पोस्टमार्टम हुआ। समय से शव वाहन न पहुंचने पर एक बच्चे के परिजन शव को हाछ में उठाकर पोस्मार्टम हाउस से करीब पांच सौ मीटर हाईवे तक ले गए। नाराज परिजनों हाईवे पर शव रखा तभी सूचना पाकर पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने शव को मैजिक में रखवाकर बच्चे के घर पहुंचवा दिया।

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अकबरपुर के स्वरूपपुर निवासी दीपक कुमार का बेटा आर्यन (10) पास के एकलव्य विद्या पीठ में कक्षा छह और बेटी गुनगुन (8) कक्षा पांच में पढ़ते हैं। वहीं दीपक के पड़ोसी बलराम शर्मा का बेटा आयुष उर्फ अंश (9) जैनपुर के गुरुकृपा स्कूल में कक्षा एक में पढ़ता था। तीनों बच्चे जैनपुर में ही एक शिक्षक के यहां कोचिंग पढ़ते थे। सोमवार को शिक्षक के कोचिंग पढ़ाने से मना करने पर तीनों पैदल घर लौट रहे थे।
जैनपुर के पैप्स्कि चौराहे के पास तेज रफ्तार डीसीएम ने अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार कर सर्विस लेन पर पहुंची और तीनों बच्चों को कुचल दिया था। हादसे में आर्यन व अंश की मौत हो गई थी। गुनगुन निजी अस्पताल में भर्ती है। हादसे के बाद डीएम नेहा जैन, एसपी सुनीति, सीएमओ डॉ. एके सिंह समेत कई अफसरों ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित परिजनों को हर संभव मदद व शव वाहन की व्यवस्था कराने का भरोसा दिया था।

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मंगलवार की दोपहर एक बजे तक दोनों बच्चों के पोस्टमार्टम के कागजात पुलिस लेकर पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंची, तो परिजनों नाराज हुए। कागत पहुंचने पर दोनों का पोस्टमार्टम हुआ। फिर आर्यन का पोस्टमार्टम हुआ। इसके बाद परिजन शव वाहन का इंतजार करते रहे। शब वाहन नहीं पहुंचे तो अंश के परिजन लोडर पर शव रखकर वहां से चले गए। जबकि, आर्यन के परिजनों ने हाथों से शव को उठाया और पोस्टमार्टम हाउस से करीब पांच सौ मीटर दूर हाईवे तक ले गए।

इसका पता चलते ही अकबरपुर थाना प्रभारी प्रमोद शुक्ला टीम के साथ वहां पहुंचे। परिजनों ने शव वाहन की व्यवस्था न होने पर उनसे नाराजगी जताई। थाना प्रभारी ने लोगों को शांत कराया और मैजिक वाहन की मंगवा कर शव को आर्यन के घर तक पहुंचवाया। आर्यन के पिता दीपक ने कहा कि प्रशासन न तो भरोसा दिया, लेकिन शव वाहन की व्यवस्था नहीं कराई। इसलिए शव को हाथों से उठाकर हाईवे तक लाया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के कागज लाने में भी देरी की।

सांत्वना देने पहुंची राज्यमंत्री
डीसीएम से कुचलकर हुई आर्यन व आयुष की मौत की खबर पाकर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री प्रतिभा शुक्ला मंगलवार को पोस्टमार्टम हाउस पहुंची। उन्होंने दोनों बच्चों के दुखी परिजनों को सांत्वना व हर संभव मदद को भरोसा दिया। कहा कि विधायक निधि से घायल बच्ची का इलाज कराया जाएगा।

नगर पंचायत से मांगी मदद
काफी देर शव वाहन का इंतजार करने के बाद परिजनों ने नगर पंचायत अध्यक्ष ज्योत्सना कटियार के पति बबलू कटियार से मदद मांगी। नगर पंचायत की गाड़ी भी जब नहीं पहुंची तो परिजन निजी वाहन से शव ले गए। नगर पंचायत अध्यक्ष का कहना है कि जब फोन आया था, तब गाड़ी की धुलाई हो रही थी। कहा था कि धुलाई के बाद गाड़ी भेजी जा रही है, लेकिन गाड़ी पहुंचने से पहले ही परिजन शव लेकर चले गए।
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अपने-अपने लाल के शव से लिपट कर रोई मां
हादसे का शिकार हुए आर्यन व अंश के शव पोस्टमार्टम के बाद मंगलवार को उनके घर पहुंचे, तो परिजन बिलख पड़े। दोनों की मां तो अपने-अपने लाल के शव से लिपट गई। रोते-रोते दोनों की मां अचेत हो गईं। परिजनों ने उन लोगों को किसी संभाला। इसके बाद परिजनों ने अपने-अपने लाल का अंतिम संस्कार कर दिया।
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