पनकी भऊ सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट का निरीक्षण करते नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी
कानपुर। पनकी भऊ सिंह स्थित कूड़ा निस्तारण प्लांट में बुधवार को कूड़े से खाद बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। खाद बनने में 32 से 33 दिन लगते हैं। नगर आयुक्त अक्षय त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर दो ट्रामेल मशीनों से गीला, सूखा कूड़ा, निर्माण सामग्री अलग-अलग होते देखी। अन्य मशीनों को भी जल्द ठीक कर चलाने के निर्देश दिए।
एनजीटी की सख्ती के बाद जागे नगर निगम ने 4 फरवरी को अपने संसाधनों से कूड़ा निस्तारण प्लांट चलाना शुरू किया था। उस दिन एक ट्रामेल मशीन चलाकर ट्रायल लिया गया था। इस मशीन से प्लांट में पहुंच रहे मिक्स कूड़े से गीला, सूखा कूड़ा और ईंटें आदि अलग-अलग किए जाते हैं। बुधवार को दूसरी ट्रामेल मशीन भी चलाई गई।
नगर निगम के अधिशासी अभियंता (पर्यावरण) आरके पाल ने बताया कि सूखे कूड़े से आरडीएफ (रिवाइज डिफ्यूज्ड फ्यूल) बन रहा है। इसे सीमेंट फैक्ट्रियों को बेचा जाएगा, जो वहां ईंधन के रूप में इस्तेमाल होगा। गीले कूड़े से जैविक खाद बनेगी, इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। करीब 10 प्रतिशत ईंट-पत्थर आदि भी अलग हो रहे हैं। इन दोनों मशीनों से रोज 500 से 600 मीट्रिक टन कूड़ा निस्तारित होने लगा है।
प्लांट में जमा आरडीएफ बेचा
कूड़ा निस्तारण प्लांट में जमा आरडीएफ एक ट्रक में लदवाकर सीमेंट फैक्ट्री भेजा गया है। प्लांट में करीब 20 लाख मीट्रिक टन कूड़ा जमा है।