पुखरायां। देवराहट के पास यमुना में मूर्ति को स्नान कराने गया पुजारी नाव का संतुलन बिगड़ने से नदी में डूब गया। गोताखोर देरशाम तक पुजारी की तलाश करते रहे पर सफलता नहीं मिला। यमुना का पानी गांव में प्रवेश कर चुका है।
देवराहट गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पुराना रामजानकी मंदिर है। सावन के सोमवार को मंदिर की मूर्ति को स्नान कराया जाता है। अनंत चतुर्दशी को शोभायात्रा निकाली जाती है। सोमवार को यमुना नदी का पानी गांव तक पहुंच गया।
मूर्ति को नदी में स्नान कराने के लिए सोमवार को गांव के ही पुजारी सुरेश सिसोदिया ने नाव मंगाई। उनके साथ दो नाविक और महंत हनुमानदास भी बैठ गए। नदी की धारा में पहुंचने पर पुजारी मूर्ति को स्नान करने लगे। इस दौरान संतुलन बिगड़ने से पुजारी मूर्ति सहित नदी में गिर गए। इस पर नाविकों ने उनकी तलाश शुरू की। वहीं सूचना देवराहट थाना का पुलिस को दी गई।
इसके बाद गोताखोरों को नदी में पुजारी को खोजने के लिए उतारा गया, पर देर शाम तक उनका पता नहीं चला। विधायक विनोद कटियार ने गांव पहुंच कर लोगों से घटना की जानकारी ली और दुख जताया। उपनिरीक्षक अनिल कुमार भदौरिया ने बताया कि गोताखोर शाम तक पुजारी की तलाश करते रहे पर उनका पता नहीं चला है।