कानपुर देहात। नगर पंचायत क्षेत्र में महिलाओं की सुविधा के लिए बनाए गए पिंक शौचालयों की स्थिति बदहाल है। नगर के तीन स्थानों पर बने इन शौचालयों में कहीं ताला लटक रहा है तो कहीं आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। इससे बाजार आने वाली महिलाओं को परेशानी हो रही है।
अकबरपुर में मुख्य बाजार होने की वजह से आस-पास के क्षेत्र से लोग खरीदारी करने के लिए आते हैं। इनमें महिलाएं भी होती हैं। शासन ने इनकी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए बाजार व मुख्य स्थानों पर लाखों रुपये खर्च कर पिंक शौचालय का निर्माण करवाया है लेकिन उचित देखरेख न होने की वजह से वह बदहाल पड़े हैं। स्थिति यह है कि पिंक शौचालय में पानी के लिए टोटियां ही नहीं है और अंदर गंदगी फैली हुई है। वहीं जो शौचालय सही अवस्था हैं उनमें ताला लटकता रहता है। ऐसे में बाजार आने वाली महिलाएं लघुशंका आदि के लिए खुले में जाने को मजबूर हैं। हालांकि नियमानुसार यहां महिला केयरटेकर होने के साथ साफ-सफाई की सुविधा होना आवश्यक है।
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केस- एक: सदर बाजार
शौचालय खुला, पर सुविधाएं नहीं
सदर बाजार स्थित पिंक शौचालय खुला तो रहता है लेकिन सुविधाओं का अभाव होने की वजह से महिलाएं इसका प्रयोग नहीं करती हैं। स्थानीय निवासी तनवी ने बताया कि बाजार आने वाली महिलाओं के लिए पांच सीट का पिंक शौचालय तो बना है लेकिन उसमें सुविधाएं नहीं हैं। गंदगी होने की वजह से हर समय बदबू आती है। वहीं, दरवाजे में न तो कुंडी है और न ही अंदर पानी की व्यवस्था है। ऐसे में महिलाएं परेशान होती हैं।
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केस- दो : गुमटी तिराहा
पिंक शौचालय में लटक रहा ताला
अकबरपुर के गुमटी तिराहा पर महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक शौचालय बनाया गया है लेकिन वह किस काम का जब उसमें ताला ही लटकता रहता है। आस-पास के क्षेत्र से बाजार आने वाली महिलाओं को खुले में जाना मजबूरी है। खरीदारी करने के लिए बाजार आईं इकरा ने बताया कि सरकार महिलाओं की सुविधाओं के लिए रुपये तो खर्च करती है लेकिन स्थानीय जिम्मेदारों की अनदेखी से लोगों को सुविधा नहीं मिल पाती है। यहां शौचालय में अक्सर ताला बंद रहता है।
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ये होनी चाहिए व्यवस्था
पिंक शौचालय महिलाओं की सुरक्षा, गोपनीयता और स्वच्छता के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए जाते हैं। इसमें 24 घंटे पानी-बिजली, सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन, इस्तेमाल किए गए पैड के लिए इंसीनरेटर (भस्मक) होने चाहिए। साथ ही पिंक शौचालय में व्यवस्था की देख-रेख के लिए महिला केयर टेकर, साफ-सफाई, फीडिंग/चेंजिंग रूम, सुरक्षा गार्ड की अनिवार्य व्यवस्था होनी चाहिए। मगर जमीनी स्तर पर इन मानकों का पालन नहीं हो रहा है।
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शौचालय में सुविधाओं का नहीं रखा जाता ध्यान
दुकान पर खरीदारी करने के लिए आने वाली महिलाएं कई बार लघुशंका आदि की समस्या होने पर परेशान होती हैं। नगर पंचायत ने बाजार में पिंक शौचालय तो बनवाया है लेकिन सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जाता है। ऐसे में उन्हें खुले में जाना पड़ता है। - विपिन, सर्राफा कारोबारी
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पिंक शौचालय की सुरक्षा व्यवस्था न होने की वजह से अंदर लगी टोटियां चोरी हो गई है। इसकी सफाई आदि की व्यवस्था न होने से गंदगी पसरी रहती है। जबकि पानी के लिए टंकी कई जगह से लीकेज है, इससे पानी भरे जाने के दौरान बहकर सड़क पर फैल जाता है। - सलमान, किराना कारोबारी
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बयान-
नगर पंचायत क्षेत्र में महिलाओं को सुविधा के लिए तीन पिंक शौचालय बनाए गए हैं। इसके अलावा दो निर्माणाधीन हैं। सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए केयरटेकर की तैनाती की गई है। इसके अलावा सफाईकर्मी को नियमित सफाई के लिए निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी शौचालय में कमी है तो जांच करवाते हुए कार्रवाई की जाएगी। - आशीष कुमार, ईओ, नगर पंचायत, अकबरपुर