उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (यूपीएसआईडीसी) लिमिटेड की बहुप्रतीक्षित ट्रांसगंगा सिटी की पहली स्कीम जून अंत में लांच करने की तैयारी है। सबसे पहले यहां ग्रुप हाउसिंग स्कीम लाई जाएगी, जिसके लिए दो अलग-अलग मॉडल तय किए गए हैं। इसका लेआउट तैयार है।
रेट को लेकर मंथन चल रहा है। जल्द ही इसके ब्रोशर भी उपलब्ध हो जाएंगे। ट्रांसगंगा सिटी के प्रभारी और निगम के चीफ इंजीनियर अरुण मिश्रा ने बताया कि जून अंत तक स्मार्ट सिटी में पहली रिहाइशी स्कीम पेश की जाएगी। इसके लिए बिल्डर एग्रीमेंट मॉडल और दूसरा बिडिंग मॉडल।
पहले मॉडल के तहत बिल्डर से एग्रीमेंट करके यूपीएसआईडीसी अपनी भूमि फ्लैट बनाने के लिए देगा और इसके एवज में निर्धारित फ्लैट बिल्डर से लेगा। इन फ्लैटों को आम लोगों को बिक्री के लिए रखा जाएगा। इसके अलावा बिडिंग सिस्टम में बिल्डरों को यहां भूमि बिक्री के लिए दी जाएगी।
पहले फेज में बीस-बीस हजार वर्ग मीटर के चार अलग-अलग ब्लॉक में चालीस मंजिला ऊंची इमारतें बनाई जाएंगी। इनमें विभिन्न क्षेत्र से जुड़े लोगों को फ्लैट उपलब्ध कराने के लिए आरक्षण की व्यवस्था भी की गई है। देश के नामी बिल्डरों से इस बारे में चर्चा की जा रही है।
योजना का लेआउट बन गया है, जिसे जल्द बोर्ड से एप्रूव कराया जाएगा। मूल्य का निर्धारण अभी नहीं हो सका है, क्योंकि यहां तमाम सुविधाओं का ख्याल रखा जाना है। उनका मूल्य भी फ्लैट के मूल्य में जोड़ा जाएगा। अरुण मिश्रा ने बताया योजना की बाउंड्रीवॉल, जमीन समतल करने समेत कई कार्य तेजी से चल रहे हैं।
जून के अंत तक हर हाल में रेसीडेंशियल ग्रुप हाउसिंग स्कीम लांच करके एलॉटमेंट शुरू कर दिया जाएगा। इसके लिए तमाम बड़े बिल्डरों के साथ बैठक की गई है। योजना का लेआउट तैयार हो चुका है। इस स्कीम में चालीस मंजिला इमारतें बनेंगी, जो अत्याधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस रहेंगी।
- मनोज सिंह, प्रबंध निदेशक (यूपीएसआईडीसी)