दो घरों में दबिश दी, लेकिन वो हाथ नहीं लगा
तब सामने आया कि मैसर्स बालाजी इंजीनियरिंग वर्क्स ने मैन पॉवर सप्लाई किए थे। इस फर्म के सर्वेसर्वा जीतू उर्फ सुनील शुक्ला है। पूर्व के विवेचकों ने जीतू और फर्म के दूसरे निदेशकों को अवनीश दीक्षित के दवाब में क्लीन चिट दे थी। अब पुलिस की पुनः विवेचना में फर्म के मुख्य निदेशक जीतू उर्फ सुनील शुक्ला को नामजद किया गया है। उसे दबोचने के लिए पुलिस ने गुरुवार को उसके अशोक नगर स्थित दो घरों में दबिश दी, लेकिन वो हाथ नहीं लगा है।
दबाव में हटा ब्लैक लिस्ट से हटा फर्म का नाम
मैसर्स बालाजी इंजीनियरिंग वर्क्स फर्म लघु उद्योग विभाग में रजिस्टर्ड है। फर्म ने बतौर गारंटी 60 लाख रुपये जाम किए थे। घोटाले में इस कंपनी का नाम सामने आने के बाद इस कंपनी को केस्को ने ब्लैक लिस्ट कर दिया था, लेकिन अवनीश के दबाव व सेटिंग के खेल से कंपनी का नाम ब्लैक लिस्ट से हटा दिया गया। इस मामले में भी पुलिस ने लघु उद्योग विभाग से सवाल जवाब करेगी।