कर्मचारियों के संबंध में आख्या देने का आदेश
चीफ फार्मासिस्ट जय प्रकाश प्रजापति ने कहा कि ढाई सौ चादरें उपलब्ध हैं, लेकिन कोई मांगता नहीं है। इसके अलावा शौचालय में गंदगी पटी पड़ी थी। एसीएमओ डॉ. सिंह ने रिपोर्ट सीएमओ डॉ. आलोक रंजन को सौंप दी। इसमें कहा गया कि प्रसव कक्ष में तैनात कर्मचारियों का ध्यान सिर्फ सुविधा शुल्क वसूली में रहता है। चिकित्सा अधीक्षक से व्यवस्था ठीक करने और गायब कर्मचारियों के संबंध में आख्या देने का आदेश किया गया है।
दो दर्जन लैब टेक्नीशियन, काम करता सिर्फ एक
सीएचसी के पैथोलॉजी विभाग में विभिन्न कार्यक्रमों के तहत दो दर्जन लैब टेक्नीशियन तैनात हैं। लेकिन एक एलटी बच्चूलाल ही काम करते हैं। जांच में पता चला कि एक के अलावा किसी टेक्नीशियन ने आज तक माइक्रोस्कोप का उपयोग तक नहीं किया। चिकित्सा अधीक्षक से सभी लैब टेक्नीशियन के छह माह के कार्य का विवरण मांगा गया। केंद्र पर आकस्मिक अवकाश और एक्सपायरी डेट पंजिका नहीं पाई गई।
तंबाकू के सेवन पर जुर्माना
एसीएमओ की जांच के दौरान आशा कार्यकर्ता नीरा पांडेय और लैब टेक्नीशियन बच्चूलाल ड्यूटी पर तंबाकू का सेवन कर रहे थे। चिकित्सा अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि इनसे जुर्माना वसूल कर राजकोष में जमा किया जाए। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की टीम का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं मिला। भ्रमण पंजिका की जांच में पाया गया कि 19 जुलाई से कोई अधिकारी, कर्मचारी भ्रमण पर नहीं गया। इसके अलावा 102 और 108 एंबुलेंस से आने वाले रोगियों का रजिस्टर में रिकाॅर्ड नहीं मिला।