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2.5 करोड़ की अष्टधातु की मूर्ति गायब: मुर्दो पर दर्ज हुई थी एफआईआर, आज भी ठप पड़ी है जांच, पढ़े पूरा मामला

Sat, 17 Sep 2022 10:08 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

बर्रा में चोरी के आरोपियों के पास से बरामद अष्टधातु की मूर्ति मालखाना से गायब हो गई थीं। इस मामले में मालखाना इंचार्ज दोषी पाए गए थे। बता दें कि दोनों मालखाना इंचार्ज की मौत हो चुकी थी और उन पर ही केस दर्ज हुआ था।
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कानपुर में बर्रा थाने के मालखाना से ढाई करोड़ कीमत की अष्टधातु मूर्ति गायब होने के मामले में कोर्ट ने जब सख्त रवैया अपनाया, तो एक नया तथ्य सामने आया। मूर्ति गायब होने के मामले में सात साल बाद केस दर्ज किया गया था। इसमें दो मालखाना इंचार्ज को दोषी बनाया गया था।

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उन पर बर्रा थाने में केस भी दर्ज किया गया था। जिन पर केस दर्ज हुआ था, उनकी काफी समय पहले ही मौत हो चुकी थी। केस की विवेचना आज भी ठप पड़ी हुई है। फतेहपुर के चांदपुर निवासी निदेश कुमार व कानपुर देहात के राजपुर के कमलाकांत को 29 मई 2013 को बर्रा पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

आरोपियों के पास से अष्टधातु की मूर्ति बरामद की थी। केस में अब तक बरामद मूर्ति कोर्ट में नहीं पेश की जा सकी है। इसी पर कोर्ट ने शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर को पत्र लिखकर जानकारी मांगी है। जब इस बारे में जानकारी खंगाली गई, तो पता चला कि मालखाना से मूर्ति गायब हुई थी।

इसको लेकर एक कमेटी बैठी थी। जांच के बाद कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर मालखाना इंचार्ज रहे हेड मोहर्रिर बांकेला व गिरीश चंद्र यादव पर 12 नवंबर 2021 को एफआईआर दर्ज की गई थी। बर्रा इंस्पेक्टर मानवेंद्र सिंह ने बताया कि इनमें से एक आरोपी की मौत 2014 व दूसरे की मौत 2017 में हो गई थी।
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यानी मुर्दो पर केस दर्ज हुआ था। केस की विवेचना गोविंद नगर थाने की पुलिस कर रही है। दोनों आरोपियों की मौत होने की वजह से विवेचना आगे नहीं बढ़ी। पुलिस किसी भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची। अब जब कोर्ट ने इस पर जवाब मांगा, तो हड़कंप मचा है।
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