कानपुर में बर्रा थाने के मालखाना से ढाई करोड़ कीमत की अष्टधातु मूर्ति गायब होने के मामले में कोर्ट ने जब सख्त रवैया अपनाया, तो एक नया तथ्य सामने आया। मूर्ति गायब होने के मामले में सात साल बाद केस दर्ज किया गया था। इसमें दो मालखाना इंचार्ज को दोषी बनाया गया था।
उन पर बर्रा थाने में केस भी दर्ज किया गया था। जिन पर केस दर्ज हुआ था, उनकी काफी समय पहले ही मौत हो चुकी थी। केस की विवेचना आज भी ठप पड़ी हुई है। फतेहपुर के चांदपुर निवासी निदेश कुमार व कानपुर देहात के राजपुर के कमलाकांत को 29 मई 2013 को बर्रा पुलिस ने गिरफ्तार किया था।