कानपुर देहात। रंगदारी व मारपीट के मामले में बिकरू कांड के चार आरोपियों को एसीजेएम प्रथम की कोर्ट में पेश किया गया। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने केस डायरी अधूरी होने की बात रखी। इस पर आरोप निर्धारण में बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने सुनवाई की तिथि आठ दिसंबर तय की है।
चौबेपुर के बिकरू गांव की रोली शुक्ला ने कुख्यात विकास दुबे व उसके साथियों पर बंदूक व रायफल के दम पर अवैध वसूली करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। साथ ही आरोप लगाया था कि रुपये न देने पर उक्त लोग मारपीट के साथ परिवार को खत्म करने की धमकी दे रहे हैं। मामले की सुनवाई एसीजेएम प्रथम कमलकांत गुप्ता की कोर्ट में चल रही है। मंगलवार को आरोपियों में हीरू दुबे उर्फ धर्मेंद्र, जिलेदार, गोपाल सैनी व शिवम दलाल को कड़ी सुरक्षा में कोर्ट में पेश किया गया। आरोप निर्धारण को लेकर बहस होनी थी लेकिन बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने केस डायरी में आरोप पत्र, नजरी नक्शा आदि न होने की बात कोर्ट में रखी। साथ ही पूर्ण केस डायरी की छाया प्रति दिलाने की मांग की। इससे आरोप निर्धारण पर बहस नहीं हो सकी। कोर्ट ने मामले की सुनवाई की अगली तिथि आठ दिसंबर तय कर दी है। रंगदारी मांगने में नामजद विकास दुबे व उसके सहयोगी अमर दुबे एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।
बिकरू कांड के बाद इस मारपीट व अवैध वसूली की घटना के विवेचक अजहर इशरत ने एसओ विनय तिवारी पर आरोप लगाया था कि उन्होंने दबाव में लेकर जबरन रंगदारी के आरोप चार्जशीट से हटवा दिए हैं। दो जुलाई को बिकरू में सीओ समेत आठ पुलिस कर्मियों के शहीद होने के बाद इस अवैध वसूली की घटना को अफसरों ने गंभीरता से लिया था।