फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चित्रकूट: कपड़ा कारोबारी की शबरी जलप्रपात में डूबने से मौत, चार घंटे की मशक्कत के बाद मिला शव

Mon, 03 Aug 2020 12:44 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
विज्ञापन
शबरी जलप्रपात में डूबने से मौत - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
चित्रकूट जिले के मानिकपुर में साथियों के साथ पिकनिक मनाने गए कपड़ा कारोबारी की शबरी जल प्रपात में नहाते समय डूबने से मौत हो गई। युवक के साथ गए उसके तीन दोस्त सकुशल बाहर निकल आए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गोताखोरों की मदद से करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद शव को बाहर निकलवाया।
विज्ञापन


रक्षाबंधन के समय लाल के जाने से परिजनों में कोहराम मच गया। मुख्यालय के सदर रोड एलआईसी तिराहे के पास रहने वाले विवेक पटेल (25) पुत्र जितेंद्र उर्फ ब्रह्मा सिंह पटेल मूल रूप से माराचंद्रा गदाखान, मानिकपुर के निवासी थे। उनकी दुकान व घर मुख्यालय में है।

परिजनों ने बताया कि लॉकडाउन में रविवार को बंदी के चलते विवेक मोहल्ले के कुलदीप, अभिमन्यु और ज्ञानचंद्र के साथ कार से गदाखान गांव गया था। सोमवार को रक्षाबंधन होने पर मुख्यालय में ही रुकने की बात कहकर पहले उसने गांव में अपनी चचेरी बहनों से राखी बंधवाई। दोस्तों के साथ खाना खाने के बाद दोपहर करीब एक बजे गांव से चला था।
विज्ञापन


दोस्तों ने बताया कि रास्ते में शबरी जल प्रपात घूमने के बाद मुख्यालय जाने की बात तय हुई। सभी लोग कार से मारकुंडी थाना क्षेत्र के शबरी जलप्रपात पहुंचे और नहाने लगे। इस दौरान पत्थर पर पैर फिसलने से विवेक पानी के बीच में पहुंच गया। यहां पानी का बहाव काफी तेज था।

विवेक के शोर मचाने पर दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया। दोनों से डरकर बाहर निकल आए और मदद की गुहार लगाने लगे, लेकिन तब तक गहराई में जाने से विवेक डूब चुका था। दोस्तों ने फोन कर परिजनों व पुलिस को सूचना दी।

लगभग एक घंटे कुछ ग्रामीण व मारकुंडी थाना प्रभारी रमेश चंद्र पहुंचे। कुछ तैराक ग्रामीण एक घंटे तक प्रयास करते रहे, लेकिन सफलता न मिलने पर पुलिस ने गोताखोरों को बुलाया। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम को मुख्यालय भेजा है।

विवेक ही संभालता था दुकान
परिजनों ने बताया कि पिता बीमारी की वजह से घर पर ही रहते हैं। दो भाईयों में बड़ा होने के कारण विवेक पटेल ही दुकान संभालता था। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। इस घटना के बाद मृतक के माता पिता का रो रोकर बुरा हाल है। रोते हुए मां ने बताया कि  कई बार विवेक को मना किया था कि सोमवार को रक्षाबंधन है, गांव जाकर राखी बंधवा आना, लेकिन वह नहीं माना। हादसे की सूचना पर व्यापारी नेता पंकज अग्रवाल, ओम केशरवानी, राहुल गुुप्ता, गोलू, शानू गुप्ता, विनोद केशरवानी व बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह, बीपी पटेल, अतुल सिंह आदि ने गहरा दुख जताया। सभी ने मृतक व्यापारी के परिजनों को ढाढ़स बंधाया।
विज्ञापन

जल प्रपात में बरसात के समय अक्सर होती घटनाएं
मानिकपुर क्षेत्र के पर्यटन स्थल शबरी व राघव जल प्रपात की प्राकृतिक सुंदरता के कारण बड़ी संख्या में पर्यटकों का आना जाना लगा रहता है। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिहाज से यहां कई विकास कार्य भी कराए गए हैं। छुट्टियां मनाने के लिए अक्सर दूर क्षेत्र से पर्यटक आते हैं। बरसात में पानी अधिक होने से डूबने  की घटनाएं होती रहती है। नए वर्ष पर राघव प्रपात पर पिकनिक मनाने पहुंचे युवकों में मानिकपुर निवासी एक छात्र की मौत डूबने से हो गई थी। इस तरह से और भी कई घटना यहां पर हुई हैं।

हादसों के बाद भी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं है
मारकुंडी थाना अंतर्गत टिकरिया गांव के पास स्थित शबरी जल प्रपात घने जंगल में बना है। वहीं से कुछ दूरी पर राघव जल प्रपात भी है। जो वन विभाग के संरक्षण में है। इसके बाद भी सुरक्षा के लिए वन विभाग के वनकर्मी तैनात नहीं है। जिससे बरसात के समय डूबने से पर्यटकोें की  मौत हो जाती है। पिछले साल भी मानिकपुर कस्बा में पढ़ने वाले दो छात्रों की मौत हो गई। इसी तरह कई अन्य घटनाएं हो चुकी है। इसकेे बाद भी इस स्थान पर कोई सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं की गई है।

लापरवाही से होते हादसे
डीएफओ कैलाश प्रकाश ने कहा कि दोनों जल प्रपातों के आसपास पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कई काम कराए गए हैं। बारिश के दिनों में गहरे व तेज बहाव में लोगाें को नहाने के लिए मना किया जाता है, लेकिन उत्साह में कुछ लोग लापरवाही करते हैं। इसके बावजूद विभाग अपना दायित्व बखूबी निभाता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें