अमर उजाला ने खुलासा किया था कि लखनऊ में पकड़े गए आतंकी मिनहाज अहमद और मसीरुद्दीन उर्फ मुशीर के पास से बरामद कंट्रीमेड पिस्टल चमनगंज से खरीदी गई थी। वहीं अब एक और नया तथ्य सामने आया है।
अलकायदा के आतंकियों को असलहा मुहैया कराने में लखनऊ के शकील की बड़ी भूमिका रही है। शकील ने ही कानपुर के चमनगंज निवासी शख्स से सौदा कराया और पिस्टल के साथ तीन चाकू दिलाए। इसके लिए एक मुश्त रकम भी आतंकियों ने चुकाई थी।
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जांच एजेंसी की तफ्तीश में इसका खुलासा हुआ है। असलहे मुहैया कराने में एक शख्स मुख्य है जबकि एक दो और उसके सहयोगी हैं। इन सभी पर जांच एजेंसी शिकंजा कसने की तैयारी में है। किसी भी वक्त इनकी गिरफ्तारी हो सकती है।
अमर उजाला ने खुलासा किया था कि लखनऊ में पकड़े गए आतंकी मिनहाज अहमद और मसीरुद्दीन उर्फ मुशीर के पास से बरामद कंट्रीमेड पिस्टल चमनगंज से खरीदी गई थी। वहीं अब एक और नया तथ्य सामने आया है। आतंकियों के पास मिले तीन चाकू भी यहीं से खरीदे गए थे।
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ये पूरा सौदा लखनऊ निवासी शकील ने कराया था। पिछले कई दिनों से शकील एटीएस की हिरासत में है। उससे पूछताछ जारी है। सूत्रों के मुताबिक चमनगंज निवासी शख्स शकील का पुराना परिचित है। जब आतंकियों ने शकील से असलहों की मांग की तो उसने चमनगंज निवासी अपने परिचित से संपर्क किया।
उसके बाद वो यहां पिस्टल व चाकू खरीदने आए। अभी तक की मिली जानकारी के मुताबिक असलहा बेचने वाला हिस्ट्रीशीटर है। उसको जांच एजेंसी ने हिरासत में भी ले लिया है। पूछताछ जारी है। उसकी निशानदेही पर असलहों व विस्फोटक की बरामदगी के प्रयास जारी हैं।