कानपुर के जाजमऊ में टेनरी पर कब्जे को लेकर बुधवार रात हुए पारिवारिक विवाद में एक पक्ष से पूर्व भाजपा नेता नारायण भदौरिया भी साथियों संग पहुंचा था। शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में भदौरिया दूसरे पक्ष से गालीगलौज, नोंकझोंक और मारपीट करते नजर आ रहा है। इसके बाद भी पुलिस ने कैंट से विधायक हसन रूमी के बेटे समेत 12 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी, जबकि भदौरिया पर कोई कार्रवाई नहीं की। भाजपा का दक्षिण क्षेत्र का जिला मंत्री रहा नारायण भदौरिया पुलिस कस्टडी से हिस्ट्रीशीटर को भगाने के मामले में चर्चा में आया था।
जाजमऊ में शालीमार लेदर इंडस्ट्रीज पर कब्जे को लेकर शहनाज जहां और उनके भतीजों मोहम्मद आमिर और नासिर में विवाद हो गया था। एक पक्ष से विधायक का बेटा कामरान तो दूसरी ओर पूर्व भाजपा नेता नारायण भदौरिया साथियों संग पहुंचा था। इसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट और पथराव हुआ था। पुलिस ने बीट प्रभारी की तहरीर पर विधायक के बेटे समेत 12 नामजद और 50 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी, लेकिन दूसरे पक्ष से एक भी उपद्रवी को आरोपी नहीं बनाया था।