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इस मंदिर में विराजमान है 'डाक्टर हनुमान', जानें कैसे पड़ा इनका ये नाम

Sun, 27 Aug 2017 10:54 PM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डॉक्टर हनुमान
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मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव मार्ग स्थित डाक्टर हनुमान का प्रसिद्ध मंदिर है। इस मंदिर की एक खास बात ये है कि यहां हजाराें भक्त अपनी जानलेवा बिमारियों का इलाज कराने आते हैं। बतातें है कि यहां कैंसर के मरीज भी अपना इलाज कराने आते है...  
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ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर के हनुमान स्वयं अपने एक भक्त का इलाज करने डॉक्टर बनकर यहां आए थे। हनुमान जिसका इलाज करने यहां आए थे वह एक साधु था। लंबे समय से उसको कैंसर था।

उसे हनुमान जी ने मंदिर में डॉक्टर के वेश में दर्शन दिए थे। वे गर्दन में आला डाले थे, जिसके बाद साधु पूरी तरह स्वस्थ हो गया। श्रद्धालुओं का मानना है कि, डॉ. हनुमान के पास सभी प्रकार के रोगों का कारगर इलाज है। 
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यह भी माना जाता है कि रोगों के लिए हनुमान जी की भभूत सबसे कारगर है। विशेष रूप में फोड़ा, अल्सर और कैंसर जैसी बीमारियां भी मंदिर की पांच परिक्रमा करने पर ठीक हो जाती हैं। तो आइए आपको ले चलते है डॉक्टर हनुमान के द्वार... 

डॉक्टर हनुमान मंदिर के पुजारी
मध्यप्रदेश के भिंड जिले के मेहगांव-मौ मार्ग स्थित प्रसिद्ध  ददरौआ धाम में पांच सितंबर को बुढ़वा मंगल-मेला महोत्सव का विशाल आयोजन किया जाएगा। यहां विराजमान डॉक्टर हनुमान जी के दर्शन को लाखों श्रद्धालु पहुंचेंगे।  

ददरौआ धाम के मीडिया प्रभारी जलज त्रिपाठी ने बताया कि धाम के महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर रामदास जी महाराज का आशीष पाने के लिए इटावा के अनेक भक्त नियमित रूप से ददरौआ धाम जाते रहते हैं। उन्होंने महोत्सव के लिए इटावा वालों को विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

बताया कि धाम में डाक्टर हनुमानजी सखी रूप में विराजमान हैं। जो सदैव ही श्रृद्धालुओं की मानसिक व शारीरिक पीड़ा को अपनी दिव्य कृपा से हरते रहते हैं। खासकर शनिवार और मंगलवार को उनकी भक्तों पर विशेष कृपा दृष्टि होती है। इसमें भी भाद्रपद मास के अंतिम मंगलवार को तो ददरौअा धाम में विराजे श्री हनुमानजी भक्तों पर परमकृपा करते हैं।

 

मंदिर में भक्तों का लगा रहता है तांता
यूं शुरू हुआ बुढ़वा मंगल
महाराजश्री बताते हैं कि दशरथ के पुत्र राम की धर्मपत्नी सीता जी को जब रावण हर ले गया। खोज करने के दौरान हनुमान जी उन्हें सहयोगी के रूप में मिले। हनुमान जी ने समुद्र लांघकर रावण की लंका में अशोक वाटिका में बैठी सीता का पता लगाया। इसके बाद माता से विदाई लेकर श्रीराम से भेंट की। उस दिन भाद्रपद मास का अंतिम मंगलवार था। इससे सभी को प्रसन्नता हुई। देवताओं ने भी उनका स्वागत किया। तभी से यह दिन बुढ़वा मंगल के नाम से प्रसिद्ध हुआ। महाराज ने कहा कि ‘‘ऊँ श्री ददरौआ हनुमते नम:’’ मंत्र का दिव्य जाप करने से सभी तरह की आधि-व्याधियां मिटती हैं। माँ लक्ष्मी की कृपा तथा सभी भौतिक सुख भी मिलते हैं। यहां आने वाला हर व्यक्ति प्रसन्नता के साथ घर जाता है।
 
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बुढ़वा मंगल पर लगता है यहां मेला
विशाल भजन संध्या का होगा आयोजन
श्री हनुमान मंदिर पर चार सितंबर सोमवार को सुबह आठ बजे से रामचरित मानस पाठ का आयोजन होगा। यह जानकारी हनुमान जी सेवा समिति छैराहा के मंत्री संजय कुमार दुबे एड. ने दी। उन्होंने बताया कि अगले दिन पांच सितंबर को बुढ़वा मंगल पर श्री हनुमान जी का भव्य शृंगार व मेले का आयोजन किया जाएगा। छह को रात आठ बजे विशाल भजन संध्या का आयोजन भारत वर्ष की मशहूर जूनियर स्टार म्यूजिकल ग्रुप करेंगे। इसमें ममता भारती, बैजू सनम, गुड्डू गंभीर, मयंक बृजवासी, अमित दीक्षित आदि कलाकार भाग लेंगे।
आयोजन को सफल बनाने के लिए डा. डीके टंडन, जयवीर सिंह भदौरिया, प्रदीप दुबे, आशीष दुबे, दीपू टंडन, सुनील दुबे, दिनेश भदौरिया आदि का सहयोग रहेगा। 

- बुढ़वा मंगल पर विशेष कृपा बरसाएंगे डाक्टर हनुमान जी
- मध्यप्रदेश स्थित ददरौआ धाम है भक्तों की आस्था का केंद्र 
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