नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजूकेशन (एनसीटीई) ने बैचलर ऑफ एलीमेंट्री एजूकेशन डिग्री (बीईएलईडी) का पहला डिग्री कोर्स लांच कर दिया है।
टीचर एजूकेशन के इस कोर्स की संबद्धता शैक्षिक सत्र 2015-16 से ली जा सकेगी। इसकी संबद्धता का पूरा अधिकार संबंधित राज्य या केंद्रीय विश्वविद्यालय को दिया गया है।
टीचिंग एजूकेशन का पहला डिग्री कोर्स चार साल का है। इससे पहले तक टीचर एजूकेशन के डिप्लोमा कोर्स की पढ़ाई होती रही है, जिसकी मान्यता सीधे एनसीटीई से मिलती थी।
नए डिग्री कोर्स में ऐसा नहीं है। एनसीटीई ने टीचर्स एजूकेशन में तमाम और बड़े बदलाव किए हैं, जिसका भारत सरकार ने 28 नवंबर 2014 को गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है।
सुप्रीम कोर्ट में शपथपत्र दाखिल करने के बाद एनसीटीई ने दो वर्षीय नर्सरी टीचर ट्रेनिंग (एनटीटी) का कोर्स खत्म कर दिया है। इसकी जगह डिप्लोमा इन प्री स्कूल एजूकेशन (डीपीएससी) नया कोर्स लांच किया है।
इसकी मान्यता शैक्षिक सत्र 2015-16 से मिलेगी। एनसीटीई ने बीएड में एडमिशन की अर्हता भी बदल दी है। बीटेक करने के बाद बीएड में एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स की शैक्षिक अर्हता 55 फीसदी तय कर दी गई है।
पहले यह 50 फीसदी थी। बीए, बीएससी और बीकॉम में 50 फीसदी मार्क्स हासिल करने वाले स्टूडेंट्स ही बीएड में एडमिशन ले सकेंगे। एनसीटीई ने बीएड और एमएड का कोर्स दो-दो साल का कर दिया है।
शैक्षिक सत्र 2015-16 से इनकी मान्यता ली जा सकेगी। अभी तक बीएड और एमएड का कोर्स एक-एक साल का था।
एनसीटीई ने एमड की 15 सीटें भी बढ़ा दी हैं। अब 35 की जगह एमएड की 50 सीटों की मान्यता ली जा सकेगी। एनसीटीई ने बीएड-एमएड का नया इंटीग्रेटेड कोर्स भी लांच किया है।
इस कोर्स में एडमिशन लेने के बाद बीएड-एमएड की पढ़ाई तीन साल में पूरी की जा सकेगी। यदि बीएड और एमएड की पढ़ाई अलग-अलग सत्र में की जाती है तो इसके पूरे होने में चार साल लग जाएंगे।
क्योंकि 2015-16 से बीएड और एमएड का कोर्स दो-दो साल का हो गया है। यानी बीएड-एमड की इंटीग्रेटेड कोर्स की पढ़ाई से एक साल का समय बचाया जा सकता है।
बीटीसी के कोर्स कैरिकुलम में किसी तरह का बदलाव नहीं किया गया है। दो साल का डिप्लोमा कोर्स पहले की तरह की चलता रहेगा। इसकी मान्यता एनसीटीई से मिलेगी।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) से संबद्धता और एडमिशन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। मानीटरिंग जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) की होगी।
बोले जिम्मेदार
एनसीटीई ने टीचर एजूकेशन में सुधार के लिए क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। अब टीचर एजूकेशन की पूछ बढ़ेगी, जो कि काफी कम हो चुकी है। बीएड की सीटें नहीं भर रही हैं।
डिग्री कोर्स लांच होने से स्टूडेंट्स का उत्साह बढ़ेगा। वह डिप्लोमा की जगह डिग्री कोर्स करकेटीचिंग एजूकेशन केक्षेत्र में बेहतर भविष्य बना सकेंगे।
- विनय त्रिवेदी, अध्यक्ष उत्तर प्रदेश स्व वित्तपोषित महाविद्यालय एसोसिएशन
टीचर एजूकेशन में बदलाव सराहनीय है। एनसीटीई केइस कदम से शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार आएगा। बीएड, एमएड की रेग्युलर कक्षाएं चलेंगी, जिससे रिजल्ट बेहतर रहेगा।
- डॉ. अनिला रोहतगी, प्रिंसिपल मोहिनी बी मनवानी गर्ल्स कॉलेज
यह बदलाव लंबे समय से प्रस्तावित था। अब एनसीटीई ने गजट नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। बीएड-एमड दो-दो साल का कर दिया है।
डिग्री का नया कोर्स भी लांच हुआ है, जो कि पटरी से उतर चुकी टीचर एजूकेशन में सुधार लाएगा। -
डॉ. सत्येंद्र श्रीवास्तव, प्रबंधक अभिनव सेवा संस्थान