वकीलों ने जैसे ही नारायण सिंह पैरवी करनी शुरू की सीपी को पता चल गया कि वह कल भी आया था। उन्होंने वकीलों की पूरी बात सुनी। उनका कहना था कि नारायण का दावा है कि उसका बवाल से कोई लेनादेना नहीं है। इसकी अफसर से जांच करवा ली जाए। अगर वह निर्दोष है तो उस पर कार्रवाई न हो। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले को संज्ञान में लेकर डीसीपी पूर्वी प्रमोद कुमार को जांच के आदेश दिए गए हैं।
दबाव बनाने का कर रहा खेल, हर तरफ से करवा रहा पैरवी
चकेरी इलाके की विवादित जमीनों पर नारायण सिंह भदौरिया और रॉकी यादव की नजर रहती है। कुछ समय पहले बिधनू की जमीन को लेकर भी मामला सामने आया था। टेनरी पर कब्जे को लेकर हुए विवाद में जब वह फंसा तो वह बचने की फिराक में जुट गया है।
वह वकीलों के साथ पुलिस अधिकारियों से मिलकर एक तरफ अपने निर्दोष होने का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ वह उन पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। हालांकि पुलिस अफसरों का स्पष्ट कहना है कि अगर सुबूत होंगे, तो किसी भी सूरत में किसी को छोड़ा नहीं जाएगा। साक्ष्यों के आधार पर ही कार्रवाई होगी।
रॉकी बोला...कहां है विधायक का बेटा कामरान
पुलिस ने बवाल संबंधी कई वीडियो कब्जे में लिए हैं। एसीपी कैंट इन वीडियो के जरिये बवाल करने वालों की पहचान कर रहे हैं। एक वीडियो में आवाज सुनाई दी...कहां है विधायक का बेटा कामरान। कुछ लोगों को जब वीडियो दिखाया गया, तो एक दोनों ने अवाज पहचानते हुए कहा है कि यह आवाज रॉकी यादव की है। उसका साथी विवेक निगम भी है। इन दोनों के खिलाफ पुलिस साक्ष्य जुटा रही है। उसके बाद आरोपी बनाएगी। जानकारी जुटाने पर पता चला है कि विवेक पॉक्सो एक्ट में जेल भी जा चुका है।