अभी भी ई-पेमेंट सिस्टम को अपनाने का सही समय है
कोई भी दुकानदार, व्यापारी या सेवा प्रदाता महज दो से ढाई हजार रुपये में अपने प्रतिष्ठान पर स्वाइप मशीन लगवा सकता है। अलग अलग बैंकों में इसके चार्ज में मामूली अंतर हो सकता है। कैश की किल्लत की वजह से व्यापार प्रभावित होने के बाद व्यापारी भी जागरूक हुए हैं। बैंकों ने भी तमाम ऑफर दिए हैं। कंफेडरेशन ऑफ ऑॅल इंडिया ट्रेडर्स, यूपी ईस्ट कानपुर के महामंत्री पंकज अरोड़ा ने कहा कि कानपुर के व्यापारी अब डिजिटल दुनिया की ओर बढ़ने लगे हैं। उनके संगठन कैट ने एचडीएफसी बैंक से करार कर व्यापारियों को कम कीमत पर स्वाइप मशीन उपलब्ध कराने का फैसला किया है। बड़ी संख्या में व्यापारी अपने प्रतिष्ठान पर स्वाइप मशीन लगा रहे हैं।
बैंक में ऐसे करें आवेदन
व्यापारी स्वाइप मशीन के लिए किसी भी बैंक की शाखा में आवेदन कर सकता है। इसके लिए संबंधित बैंक में एक एकाउंट खोला जाता है। इसमें कम से कम 25,000 रुपये हर समय होने चाहिए। खाता खुलने के बाद बैंक की ओर से स्वाइप मशीन प्रतिष्ठान पर लगाई जाती है। इसके लिए फीस के तौर पर (वन टाइम चार्ज) दो से ढाई हजार रुपये लिए जाते हैं। खाते में जमा रकम सिक्योरिटी मनी के तौर पर होती है।
तीन तरह की होती है मशीन
डेबिट, क्रेडिट कार्ड स्वाइप मशीन तीन तरह की होती है। एक जीपीआरएस युक्त, दूसरी लैंडलाइन से चलने वाली और तीसरी मोबाइल प्वाइंट ऑफ सेल (एमपीओएस)। जीपीआरएस युक्त स्वाइप मशीन को शहर के अंदर कहीं भी ले जाया जा सकता है। लैंडलाइन से चलने वाली मशीन एक जगह स्थापित रहती है। मोबाइल प्वाइंट ऑफ सेल मशीन बड़े वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों पर लगाई जाती है। मसलन पेट्रोल पंप, शॉपिंग मॉल, सिनेमा हॉल आदि।
.75 फीसदी की होगी कटौती
व्यापारी माल की बिक्री के बदले में डेबिट कार्ड से यदि 2000 रुपये तक प्राप्त करता है तो उससे .75 प्रतिशत का चार्ज काटा जाएगा। क्रेडिट कार्ड से स्वाइप करने पर यह चार्ज औसत 1.65 प्रतिशत है। यह चार्ज व्यापारी से कटेगा। खरीदने वाले से नहीं। इसी चार्ज की कटौती के लिए 25 हजार रुपये जमा कराए जाते हैं।