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स्वाइन फ्लू के छह और मरीज मिले

Fri, 20 Feb 2015 03:42 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला कानपुर
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तापमान बढ़ने पर स्वाइन फ्लू का अपने-आप प्रकोप खत्म होने की सरकारी गणित फेल हो रही है। स्वाइन फ्लू के मरीजों में लगातार इजाफा हो रहा है। संक्रामक रोग अस्पताल (आईडीएच) में बीते 24 घंटे में छह मरीजों को भर्ती कराया गया। प्राइवेट पैथोलॉजी की रिपोर्ट में सभी में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इन्हें स्वाइन फ्लू आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है। इनमें एक गर्भवती भी शामिल है।
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इधर, स्वास्थ्य विभाग की टीम शाम को आईडीएच पहुंची और मरीजों की जांच की। टीम ने आईडीएच को दी गई दवाओं का रिकॉर्ड भी देखा। आईडीएच को ओसेल्टेमिविर की 100 कैप्सूल और दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने पांच संदिग्ध मरीजों का सैंपल भेजा है। इनमें बांदा नवोदय विद्यालय के लेक्चरर भी शामिल हैं। भर्ती मरीजों में तानिश्ा सचान (5)  निशू सिंह (23) उत्कष्र्ा दुबे (22) ईशान गुप्ता (22)  रामवती (50)  हैं।

स्वाइन फ्लू मरीजों की दुर्दशा की खबरें प्रकाशित होने के बाद आईडीएच के सीएमएस ने ‘बाहरियों’ का प्रवेश वर्जित कर दिया है। बाहरियों का प्रवेश रोकने के पीछे सीएमएस की मंशा मीडिया का प्रवेश रोकना ही है। गुरुवार दोपहर बाद इस आदेश के चस्पा होने के बाद जूनियर डॉक्टरों ने मीडिया कर्मियों को अंदर आने से रोकना शुरू कर दिया। हालांकि सीएमएस डॉ. एके शुक्ल का कहना है कि बाहरियों का मतलब एक मरीज के साथ एक अटेंडेंट से है। मीडिया पर रोक नहीं है।
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आईडीएच में स्टाफ नर्स की कमी हो गई है। चार स्टाफ नर्स के भरोसे स्वाइन फ्लू और टेटनस के मरीज हैं। साथ ही आईडीएच की नर्स और अन्य स्टाफ को दवा भी नहीं मिल पा रही है। काफी दबाव के बाद एक दिन की दवा दी जा रही है। आईडीएच के सीएमएस डॉ. एके शुक्ल ने कहा कि दो स्टाफ नर्स की डिमांड एसआईसी से की गई है।

सूत्रों का कहना है कि चार में से एक-दो स्टाफ नर्स की तबियत भी खराब है। दवा खाकर काम करना पड़ रहा है। 2010 में स्वाइन फ्लू के समय हैलट से तीन स्टाफ नर्स को भेजा गया था। अस्पताल में तैनात तीन सिस्टर में से किसी की भी फिलहाल नाइट ड्यूटी नहीं लग रही है।

डॉ. विनोद कुमार तिवारी, नवोदय विद्यालय बांदा, क्षितिज पाल, उत्कर्ष दुबे, शकुंतला देवी और अनुराग शुक्ल। निजी अस्पताल में एक अन्य मरीज मंजू भी भर्ती हुई हैं। इनका सैंपल शुक्रवार को भेजा जा सकता है।

श्रम विभाग के आयुर्वेदाचार्य डॉ. एसके त्रिपाठी ने बताया कि आयुर्वेद में स्वाइन फ्लू से बचाव के अचूक उपाय हैं। एक चम्मच अजवाइन, दस पत्ती तुलसी, 10-15 दाना काली मिर्च, थोड़ी सी अदरक, थोड़ी सी पिसी हल्दी मिलाकर काढ़ा बनाएं और इसे दिन में कम से कम दो बार पीएं। गुरुच का काढ़ा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है।
इसके अलावा घर से बाहर रहने वालों को बचाव के लिए लौंग, कपूर और छोटी इलायची का मिश्रण तैयार कर सूती कपड़े में छोटी पोटली बनाकर रखनी चाहिए। समय-समय पर पोटली को सूंघने से स्वाइन फ्लू का खतरा बिल्कुल भी नहीं रहेगा।
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