फतेहपुर जिले में सीयूजी नंबर पर एसपी को शुक्रवार रात निलंबित हेड कांस्टेबल ने फोन कर जान से मारने की धमकी दी और अपशब्द बोले। फोन एसपी के पीआरओ ने उठाया था। हेड कांस्टेबल की तलाश में कई जगह दबिश दी गई, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने उसके कुछ नजदीकियों को पूछताछ के लिए पकड़ा है।
सरकारी काम में बाधा, गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। कृष्णा नगर मोहल्ला निवासी हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह चौहान कानपुर देहात पुलिस लाइन में तैनात है। मोहल्ले में ही 18 मार्च को लाइसेंसी शस्त्र से गोली चलाने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया था।
हाईकोर्ट से जमानत पर जून माह में छूटा था। एसपी पीआरओ सुनील कुमार सिंह ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि शुक्रवार रात 10:30 से 11 बजे के बीच एसपी के सीयूजी नंबर पर फोन आया। उधर से कहा गया कि खजाना गार्द से हेड कांस्टेबल राजेंद्र सिंह चौहान बोल रहा हूं। खजाना ड्यूटी पर फोर्स नहीं है।
पीआरओ ने आरआई, गणना कार्यालय में बात करने के लिए कहा। तभी हेड कांस्टेबल ने फोन न काटने की धमकी दी और बोला कि वह डीजीपी और एडीजी से बात करेगा। पीआरओ ने फोन काटा और आरआई को सूचित किया। गणना मुंशी ने उसी नंबर पर फोन मिलाया।
मुंशी से बातचीत में कानपुर देहात में तैनात होने की बात कही। फोन नंबर ट्रेस किया गया। कुछ मिनट दोबारा सीयूजी पर फोन किया। एसपी पर आरोप लगाया कि उन्होंने जेल भिजवाया है। विवेचक को गोली मारने की धमकी दी। अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया।
एसपी को संगीन मुकदमे में फंसाने और जान से मारने की धमकी दे डाली। पीआरओ ने कई बार फोन काटा। उसने बार-बार फोन मिलाया। पीआरओ ने कोतवाल अमित मिश्रा को जानकारी दी। कोतवाली फोर्स ने हेड कांस्टेबल के घर दबिश दी। हेड कांस्टेबल के कानपुर देहात में होने का पता लगा।
पुलिस ने दोबारा भोर पहर दबिश दी। पीआरओ की ओर से रात को हेड कांस्टेबल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। बातचीत के समय हेड कांस्टेबल के नशे में होने की आशंका है। एसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर कानपुर देहात एसपी को प्रकरण की रिपोर्ट भेजी गई है।