उनसे लूटी रकम में 27 हजार रुपये व दो लाख के जेवर बरामद किए गए हैं। गैंग का लीडर शिवगोपाल है। लूटा माल रूपा सर्राफों की दुकान में बेचकर आती है। हिस्ट्रीशीटर शहर में रिक्शा चलाता है। शिवगोपाल की जेल में बंद अनिल के बीच बस कंडक्टर के घर हुई घटना की रात कई बार मोबाइल पर बातचीत हुई थी। रिक्शा चालक का मोबाइल ट्रेस हुआ था। टीम को 25 हजार का इनाम दिया गया है।
बंटवारे को लेकर हुआ विवाद
चांदमारी चौकी क्षेत्र में बस कंडक्टर के घर की शिवगोपाल ने रैकी की थी। शिवगोपाल ई रिक्शा में बिंदकी से अनिल, आनंद उर्फ बाबा, सुरेंद्र को लेकर जयरामनगर आया। यहां तीनों ने शराब पी, समोसा व चाऊमीन खाया। उसके बाद राधानगर गए। वहां शराब पी और होटल में खाना खाया। चारों रात दो बजे घटना करने पहुंचे।
बस कंडक्टर के घर में खुले शटर की बजाए छत से अनिल, सुरेंद्र गए थे। लूटपाट के बाद ई रिक्शा से बहुआ से जोनिहा पहुंचे। जोनिहा के पास माल का बंटवारा कर रहे थे। बंटवारे में उनके बीच विवाद हुआ। होमगार्ड को आते देखकर सभी मौके से चले गए। लूटा माल महिला ने दो सर्राफों को बेचा था।
अनिल को रिमांड पर लेगी पुलिस
अमेना निवासी अनिल को बिंदकी पुलिस ने 14 अगस्त को गिरफ्तार किया था। उसे ग्रामीणों ने चोरी करते पकड़ा था। पुलिस ने अनिल का चोरी में चालान किया था। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर लूट का माल बरामद करेगी।
रिक्शा चलाकर और मजदूरी के समय रैकी
आरोपी ई रिक्शा चलाकर और मजदूरी कर रैकी करते थे। आनंद उर्फ बाबा राजगीर है। जेल में बंद अनिल मजदूरी करता है। सुरेंद्र कोई काम नहीं करता है। चांदमारी की घटना से पहले बस कंडक्टर की पत्नी शादी से शिवगोपाल के ई रिक्शा से लौट रही थी। तभी उसने बस कंडक्टर के घर रैकी की थी। शादी में जाने की वजह से कंडक्टर की पत्नी काफी जेवर पहने थी। राजगीर आनंद बाबा और अनिल ने एक घर बनाने के दौरान शिक्षक के घर रैकी की थी।
शिव गोपाल पर दर्ज हैं कई मुकदमे
शिव गोपाल पर सदर कोतवाली में 2017 में दुष्कर्म, 2020 में औंग थाने में हत्या के प्रयास के दो मुकदमे, चोरी, 2020 में बिंदकी कोतवाली में दो चोरी के मुकदमे, बिंदकी में एक गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज है। शिवगोपाल के गैंग का अनिल सदस्य है। दोनों हिस्ट्रीशीटर हैं। सुरेंद्र उर्फ कैदी पर बिंदकी में चोरी के दो मुकदमे, सदर कोतवाली 2011 में चोरी के प्रयास का मुकदमा है।
गुमराह करने के लिए बावरिया अंदाज
बदमाशों ने घरों में घुसते ही परिवार के सदस्यों को जान से मारने की नीयत से हमला किया। डकैती में शिक्षक की हत्या कर दी थी। दूसरी वारदात चांदमारी में परिवार को मरणासन्न हाल में छोड़ गए। बदमाशों ने कबूला कि वह वारदात बावरिया अंदाज में करते हैं, ताकि पुलिस घटनाओं में बावरिया गिरोह का हाथ माने।
एसटीएफ को भेजे आरोपियों के नंबर
एसटीएफ 15 माह पहले अमौली कस्बे में सर्राफा की दुकान से 70 लाख की चोरी की जांच कर रही है। एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों का अमौली चोरी में हाथ हो सकता है। इनके मोबाइल नंबर और सीडीआर एसटीएफ को भेजी गई है।