सूरज पाल बाबा कस्बा लखना के एक गेस्ट हाउस में ठहरते थे। वहां 50 के करीब महिला-पुरुष वालंटियर उनकी सुरक्षा व देखभाल के लिए तैनात रहते थे। वर्ष 2014 में भी बाबा सूरजपाल का एक दिवसीय कार्यक्रम भी इसी स्थान पर हुआ था। इसमें भी हजारों की संख्या में लोग पहुंचे थे। इटावा के रेलवे मैदान, जसवंतनगर समेत कई अन्य जगहों पर भी पहले कार्यक्रम हो चुके हैं।
हाथरस भगदड़ में अब तक 121 की मौत
बताते चलें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में मंगलवार को भोले बाबा के सत्संग में भगड़द मच गई। इसमें अब तक 121 लोगों की मौत हो चुकी है, जिसमें अधिकतर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। हादसे में 200 से अधिक लोगों के घायल होने की सूचना है। हादसे में मौतों की ये संख्या अभी बढ़ सकती है।