बेरोजगारी से परेशान बुंदेलखंड के बांदा में में एक 19 साल के युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। चुनाव से ठीक एक दिन पहले बेराेजगारी से युवक के फांसी लगाने की खबर जैसे ही फैली सियासत शुरू हाे गई। बसपा, भाजपा ने यूपी सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए। पूछा क्या यही काम बाेलता है?
मृतक के परिजनों ने बताया कि जॉब कार्ड होने के बाद भी उसे काम नहीं मिल रहा था। इधर एक सप्ताह से काम की तलाश में घर से निकलता तो था लेकिन खाली हाथ लौट आता था। जिसकारण वह तनाव में था।
शहर कोतवाली क्षेत्र के हटेटी पुरवा निवासी बुद्धू (19) पुत्र रामआसरे निषाद ने मंगलवार को शाम घर के कमरे का दरवाजा बंद कर सीलिंग हुक से नायलोन का फंदा बनाकर फांसी पर झूल गया। कुछ देर बाद घर वालों की नजर पड़ी तो उसे फंदे से उतारा और जिला अस्पताल लेकर आए। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मां लक्षमिनिया ने बताया कि मृतक दिहाड़ी मजदूर था।
पिछले एक सप्ताह से उसे कहीं काम नहीं मिल रहा था। रोजाना मंडी से वापस लौट रहा था। आर्थिक तंगी और बेरोजगारी से परेशान होकर उसने जान दे दी। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया। उधर, चाचा भज्जू ने बताया कि जाब कार्ड है, लेकिन मनरेगा का काम नहीं मिला। ज्यों का त्यों कोरा रखा है। पात्र गृहस्थी राशन कार्ड मां लक्षमीनिया के नाम है। आर्थिक हालात अच्छे नहीं हैं। पूरी तरह से माता-पिता पर आश्रित होने से ज्यादा तनाव में था। कोतवाल केपी सिंह ने बताया कि घटना की जानकारी मिली थी। शव का पोस्टमार्टम कराया गया है।
एसडीएम बोले- मदद दिलाएंगे
बांदा। एसडीएम सदर प्रहलाद सिंह का कहना है कि मृतक के परिजनों ने उन्हें कोई सूचना नहीं दी। अगर बेरोजगारी से उसने आत्महत्या की है तो मामले की पूरी जांच कराएंगे। उसके परिवार को सरकारी और व्यक्तिगत रूप से मदद दिलाएंगे।