1 लाख के इनामी डाकू सरगना ललित पटेल को पुलिस ने मार गिराया। इसी के साथ चित्रकूट में फैले इस डाकू के खौफ का अंत भी हो गया। जब इसने तीन ग्रामीणों को जंगल में जलाकर मार डाला था तभी से इलाके में इसकी दहशत और बढ़ गई। पुलिस रिकॉर्ड में ललित पटेल के नाम दर्ज अपराधों में ये सबसे घिनौना अपराध माना गया। इसी के बाद से ललित पटेल के सिर पर रखी इनाम राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख कर दी गई। कई दिनों से पुलिस इस डाकू के खात्मे की प्लानिंग में थी और वो दिन आ ही गया....
रविवार की शाम पुलिस को ललित पटेल के बारे में सूचना मिली। पुलिस अलर्ट हो गई। फौरन जिले की सीमा से सटे नयागांव थाना क्षेत्र (सतना मप्र) के पोखरवार जंगल के पास पड़ाव डाला गया। सतना एसपी राजेश हिंगडकर ने एडी टीम के प्रभारी अनिमेष द्विवेदी के साथ दो टीमें बनाकर घेराबंदी शुरु की।
देर शाम को कुछ अंधेरा होने पर पुलिस टीम ने जंगल में गैंग की मौजूदगी की पुष्टि के बाद और पुलिस फोर्स बुला ली। अचानक पुलिस की मौजूदगी की जानकारी होते ही डकैतों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद पुलिस टीम ने दोनों तरफ से फायरिंग शुरु की। जिसमें एक डकैत मारा गया और उसके मरते ही बाकी बचे तीन साथी भागने में सफल रहे।
एसपी सतना ने बताया कि मुठभेड़ खत्म होने के लगभग आधे घंटे बाद पुलिस टीम मरे डाकू के पास पहुंची तो उसकी शिनाख्त गैंग सरगना डाकू ललित पटेल के रूप में की गई। इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों को भी बुलाकर इसकी पुष्टि की गई। मौके से लगभग दो दर्जन खोखे बरामद हुए। एक रायफल व कारतूस का पट्टा डाकू ललित के पास पड़ा मिला। उसके पास एक बैग भी मिला है जिसमें खाद्य सामग्री थी। बचे गैंग के सदस्यों की तलाश की जा रही है। मारे गए सरगना पर 50 हजार का इनाम था और यूपी-एमपी क्षेत्र में हत्या डकैती, अपहरण व फिरौती वसूलने के दस मामले दर्ज हैं।
- मारा गया इनामी डाकू सरगना ललित पटेल
- पुलिस ने घेराबंदी कर गोलियों से भूना
- गैंग के तीन साथी भागने में सफल
- 50 हजार का था इनाम, रायफल व कारतूस का पट्टा बरामद