कहते हैं कि अगर मौत लिखी हो तो आदमी कहीं से कही पहुंच जाता है। ऐसा ही कुछ हुआ परमट घाट पर गंगा में डूबे यशराज के साथ। कहने को यशराज अपने दोस्तों रामचंद्र यादव,अथर्व तिवारी और कृष्णा शुक्ला के साथ घर से किदवईनगर सेंट्रल पार्क क्रिकेट मैच खेलने के लए निकला था।
लेकिन वहां से वह कल्याणपुर स्थित बुद्धा पार्क और फिर वहां से अटल घाट से होते हुए करीब 17 किलोमीटर का सफर तय कर परमट पहुंच गया। यहां भी सभी दोस्तों व आसपास मौजूद नाविकों ने मना किया लेकिन जबरदस्ती दोस्तों के साथ वह गंगा में उतरा और डूब गया। दामोदरनगर निवासी वीरेंद्र सिंह होजरी का काम करते हैं।
उनका इकलौता बेटा यशराज (17) क्षेत्र आर्यवर्त इंटर कालेज में 12वीं कक्षा का छात्र था। परिवार में पत्नी रमा और बेटी नैन्सी है। रविवार सुबह यशराज क्रिकेट मैच खेलने की बात कहकर घर से निकला। पिता ने उसे रोका कि बिजली का बिल जमा करने जाना है लेकिन वह चला गया।