बांदा जिले के बबेरू कोतवाली क्षेत्र में फीस जमा न होने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा परीक्षा से रोक दिए जाने से परेशान बारहवीं कक्षा में पढ़ रही अनुसूचित जाति की मेधावी छात्रा ने रविवार की रात घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
छात्रा के पिता ने तहरीर पुलिस को देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उधर, स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को गलत बताया है। नेतानगर निवासी अनंत कुमार दिहाड़ी मजदूर हैं और लॉकडाउन में आर्थिक तंगहाली से बुरी तरह से टूट गए हैं।
अनंत की बेटी संजना (16) विद्या मंदिर इंटर कालेज में कक्षा 12 में पढ़ती थी। हाईस्कूल में प्रथम श्रेणी में पास होने वाली संजना पढ़ने में बहुत होशियार थी। पिता के मुताबिक, संजना की इंटर छमाही की परीक्षाएं इन दिनों चल रही थीं। दो विषयों की परीक्षा भी दे चुकी थी।
रविवार की रात वह अपने कमरे में सोने चली गई और रात में किसी समय सीलिंग फैन से मां की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। परिजनों ने सुबह शव लटका देखा, तो हड़कंप मच गया। पिता ने बेटी की खुदकुशी के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लॉकडाउन के बाद कामधंधा न मिलने से वह बेटी की फीस का इंतजाम नहीं कर सका।