फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बांदा: परीक्षा से लौटाई गई छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी, दिहाड़ी मजदूर की मेधावी बेटी इंटर की दे रही थी परीक्षा

Mon, 04 Jan 2021 06:05 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
छात्रा ने फांसी लगाकर जान दी - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
बांदा जिले के बबेरू कोतवाली क्षेत्र में फीस जमा न होने पर स्कूल प्रबंधन द्वारा परीक्षा से रोक दिए जाने से परेशान बारहवीं कक्षा में पढ़ रही अनुसूचित जाति की मेधावी छात्रा ने रविवार की रात घर में फांसी लगाकर जान दे दी।
विज्ञापन


छात्रा के पिता ने तहरीर पुलिस को देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। उधर, स्कूल प्रबंधन ने आरोपों को गलत बताया है। नेतानगर निवासी अनंत कुमार दिहाड़ी मजदूर हैं और लॉकडाउन में आर्थिक तंगहाली से बुरी तरह से टूट गए हैं।

अनंत की बेटी संजना (16) विद्या मंदिर इंटर कालेज में कक्षा 12 में पढ़ती थी। हाईस्कूल में प्रथम श्रेणी में पास होने वाली संजना पढ़ने में बहुत होशियार थी। पिता के मुताबिक, संजना की इंटर छमाही की परीक्षाएं इन दिनों चल रही थीं। दो विषयों की परीक्षा भी दे चुकी थी।
विज्ञापन


रविवार की रात वह अपने कमरे में सोने चली गई और रात में किसी समय सीलिंग फैन से मां की साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। परिजनों ने सुबह शव लटका देखा, तो हड़कंप मच गया। पिता ने बेटी की खुदकुशी के लिए स्कूल प्रबंधन को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि लॉकडाउन के बाद कामधंधा न मिलने से वह बेटी की फीस का इंतजाम नहीं कर सका।
विज्ञापन

बेटी शनिवार को परीक्षा देने गई थी, लेकिन फीस जमा न होने पर स्कूल वालों ने उसे फीस लेकर आने की बात कहकर बिना परीक्षा दिए ही लौटा दिया। आरोप लगाया कि इससे संजना काफी तनाव में आ गई और आत्मग्लानि महसूस करते हुए खुदकुशी कर ली।

पिता ने पुलिस को दी तहरीर में भी फीस जमा न हो पाने से स्कूल संचालकों द्वारा शनिवार को बेटी को परीक्षा में शामिल नहीं होने देने की बात लिखी है। कोतवाली प्रभारी भास्कर मिश्रा ने बताया कि संजना के पिता ने फीस न अदा कर पाने पर स्कूल से लौटाने की बात का तहरीर में जिक्र किया है।

मामले में जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उधर, स्कूल प्रधानाचार्य अनिल द्विवेदी ने कहा कि फीस के लिए परीक्षा से वंचित करने की बात बेबुनियाद है। किसी भी परीक्षार्थी को फीस के कारण परीक्षा से बाहर नहीं किया गया है। कहा कि संजना का छोटा भाई भी उनके स्कूल में साइंस विषय से 11वीं में निशुल्क पढ़ रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें