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इत्र कारोबारी मामला: रिहाई परवाने में गलती से फिर अटकी पीयूष की रिहाई, पढ़ें पूरी खबर

Thu, 08 Sep 2022 11:52 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पीयूष की पत्नी कल्पना और बेटे प्रियांश की ओर से आईसीआईसीआई बैंक किदवई नगर शाखा की दो एफडी दाखिल की गईं थीं। कोर्ट ने बैंक से सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी। बैंक की ओर से डिप्टी ब्रांच मैनेजर खुद कोर्ट में हाजिर हुए और एफडी सही होने की पुष्टि की।
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पीयूष जैन - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कोर्ट से जारी रिहाई परवाने में तकनीकी खामी के चलते इत्र कारोबारी पीयूष जैन को एक और रात जेल में ही गुजारनी पड़ेगी। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद लगभग एक सप्ताह से पीयूष की रिहाई नहीं हो पा रही है। बुधवार को जमानतों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी हुई तो रिहाई परवाना गलत बन जाने के कारण रिहाई अटक गई।
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अब गुरुवार को खामी दुरुस्त कर परवाना दोबारा जेल भेजा जाएगा, जिसके बाद ही पीयूष रिहा हो सकेगा। अधिवक्ता पीयूष शुक्ला व चिन्मय पाठक ने बताया कि पीयूष जैन को हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद विशेष मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट ने दस-दस लाख की दो जमानतें दाखिल करने के आदेश दिए थे।

पीयूष की पत्नी कल्पना और बेटे प्रियांश की ओर से आईसीआईसीआई बैंक किदवई नगर शाखा की दो एफडी दाखिल की गईं थीं। कोर्ट ने बैंक से सत्यापन रिपोर्ट मांगी थी। बैंक की ओर से डिप्टी ब्रांच मैनेजर खुद कोर्ट में हाजिर हुए और एफडी सही होने की पुष्टि की। डाक द्वारा मंगाई गई सत्यापन रिपोर्ट भी कोर्ट आ गई थी। डिप्टी मैनेजर की पुष्टि और सत्यापन रिपोर्ट से संतुष्ट होने के बाद कोर्ट ने पीयूष का रिहाई परवाना जारी कर दिया। परवाना जेल पहुंचा तो तकनीकी खामी के चलते जेलर ने पीयूष की रिहाई रोक दी।
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डीजीजीआई अहमदाबाद ने की गिरफ्तारी, नाम काकादेव थाने का
पीयूष की गिरफ्तारी डीजीजीआई अहमदाबाद की टीम ने की थी। कोर्ट में पेश करने से पहले उसे काकादेव थाने में हिरासत में रखा गया था। पीयूष का जेल दाखिला भी डीजीजीआई अहमदाबाद द्वारा ही दर्ज किया गया है, लेकिन कोर्ट से जो रिहाई परवाना जारी हुआ उसमें डीजीजीआई अहमदाबाद की जगह काकादेव थाना लिख गया। इसलिए जेलर ने रिहाई परवाने में डीजीजीआई अहमदाबाद दर्ज करवाने के बाद ही पीयूष को रिहा करने की बात कही।

मुकदमों की सुनवाई अब 21 को
पीयूष जैन के दोनों मुकदमों की सुनवाई भी बुधवार को होनी थी। विशेष मुख्य महानगर मजिस्ट्रेट ने 21 सितंबर को पीयूष को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए हैं। तभी मामले की सुनवाई होगी। जेल में बंद पीयूष की बुधवार को वर्चुअल कोर्ट में पेशी हुई जहां विशेष लोक अभियोजक अम्ब्रीष टंडन की ओर से रिमांड बढ़ाने की मांग की गई जिस पर 21 सितंबर तक के लिए रिमांड बढ़ा दिया गया है।
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