कानपुर। सभी सरकारी बैंकों में शुक्रवार और शनिवार को हड़ताल रहेगी। इससे शहर की करीब 700 बैंक शाखाओं में कामकाज पूरी तरह से ठप रहेगा। हालांकि प्राइवेट बैंकों में रोज की तरह काम होगा।
यह हड़ताल नौ राष्ट्रीय बैंक संगठनों के संयुक्त मोर्चा यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर हो रही है। फोरम बीते तीन वर्ष से बैंक कर्मियों की वेतन वृद्धि को लेकर भारतीय बैंक संघ से वार्ता कर रहा है। 39 बैठकों के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकला तो फोरम ने क्रमिक हड़ताल की घोषणा की। यह हड़ताल 31 जनवरी, एक फरवरी, इसके बाद 12, 13, 14 मार्च के लिए प्रस्तावित है। 15 मार्च तक कोई नतीजा नहीं निकला तो एक अप्रैल से अनिश्चित कालीन हड़ताल की बात कही गई है। फोरम के आक्रोश को इस बात से समझा जा सकता है कि हड़ताल में महाप्रबंधक स्तर तक के अफसर भी शामिल हैं। शहर में ही करीब 6000 कर्मी और अधिकारी हड़ताल का हिस्सा बनेंगे। कुल मिलाकर तीन दिन काम नहीं होगा। देश के इतिहास में यह पहली बार होगा कि सरकार जब बजट पेश कर रही होगी तब बैंक कर्मी धरना प्रदर्शन कर रहे होंगे।
पेंशनर भी साथ आए
पंजाब नेशनल बैंक पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी हड़ताल का समर्थन किया है। संगठन के प्रांतीय संयोजक अशोक दीक्षित ने बताया कि अवकाश प्राप्त कर्मचारियों की पेंशन वर्ष 1993 से नहीं बढ़ी है, जबकि केंद्रीय कर्मचारियों की पेंशन हर वर्ष बढ़ रही है। बैंकों से रिटायर होने वाले कर्मचारियों का इसमें क्या गुनाह है। बढ़ती महंगाई में महंगाई भत्ता बैंक कर्मियों को भी मिलना चाहिए।