जेवरातों से भरी पोटली असल मालिक को सौंपते रहीश
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इटावा के महेवा में चक्की पर अनाज पीसकर गुजर-बसर करने वाला रहीश खां उस वक्त हैरान रह गए, जब पिसाई के लिए आए गेहूं के एक बोरे में से एक पर्स में रखे सोने के जेवर निकले। बकेवर कस्बे के रहने वाले रहीश का मन एक बार ईमानदारी और बेईमानी के बीच फंस गया।
काफी देर तक सोच विचार करने के बाद उन्होंने ऐसा फैसला लिया कि वह इंसानियत के लिए मिसाल बन गया। रहीश ने पूरे सोने के आभूषण उसके मालिक को लौटा दिए। जेवरातों की कीमत करीब एक लाख रुपए है। ईमानदारी की यह मिसाल लखना कस्बे के छोटा हाता मोहाल की है।