संदलपुर। ब्लॉक क्षेत्र की एक महिला की तीन साल आठ माह पहले नसबंदी हुई थी। आरोप है कि नसबंदी फेल होने के कारण महिला गर्भवती हो गई और गुुरुवार रात महिला की जिला अस्पताल में मौत हो गई। जबकि बच्चा सुरक्षित है।
पिंडार्थू निवासी भूपनारायण ने बताया कि पत्नी सपना देवी ने 15 दिसंबर 2020 में सीएचसी हवासपुर में नसबंदी कराई थी, लेकिन वह फिर भी गर्भवती हो गई। प्रसव कराने के लिए आशा कार्यकर्ता ममता देवी उसे 4 जुलाई की रात सीएचसी हवासपुर ले गई। आरोप है कि स्टॉफ ने खून की कमी बताकर प्रसव कराने से मना कर दिया। थोड़ी देर बाद सीएचसी हवासपुर में ही पत्नी को प्रसव हो गया। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव लेकर घर लौट आया और अंतिम संस्कार किया। आरोप लगाया कि आशा कार्यकर्ता ने पांच हजार रुपये लिए है। इसकी थाना सिकंदरा में तहरीर दी है। मृतका के पति ने बताया कि नसबंदी के बाद मार्च 2020 में पत्नी गर्भवती हो गई थी। अधीक्षक डाॅ. मुनीश कुमार ने बताया कि प्रसव को आयी महिला के शरीर में खून की कमी थी। उसे यहां से जिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया था। पीड़ित द्वारा लिखित शिकायत मिलने पर जांच कर आशा कार्यकर्ता के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी सिकंदरा महेश कुमार ने बताया कि उन्हें जानकारी है। मामला थाना मंगलपुर क्षेत्र का होने के कारण उसे तहरीर देने के मंगलपुर भेजा था, लेकिन वह मंगलपुर थाने में नहीं पहुंचा।