कानपुर। हैलट के सर्जरी, स्त्री रोग विभाग और मल्टी सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल एडवांस सर्जिकल वर्क स्टेशन से लैस होंगे। साथ ही उर्सला को भी सर्जिकल वर्क स्टेशन से मिलेगा। इससे रोगियों को अत्याधुनिक सर्जरी की सुविधाएं मिलेंगी। उन्हें शहर के बाहर नहीं जाना पड़ेगा। एडवांस सर्जिकल वर्क स्टेशन की सुविधा अभी एसजीपीजीआई और डॉ. राममनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में उपलब्ध हैं।
हैलट और उर्सला में एडवांस सर्जिकल वर्क स्टेशन उपलब्ध होने पर कानपुर मंडल के साथ आसपास के 17 जिलों के रोगियों को लाभ मिलने लगेगा। चिकित्सीय सेवाएं उच्चीकृत करने के लिए गठित शासन की 10 सदस्यीय कमेटी सर्जिकल वर्क स्टेशन स्थापित करने को लेकर खाका तैयार कर रही है। मुख्यमंत्री और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी की बैठक में इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी हो चुके हैं। शासन की कमेटी में जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजय काला भी शामिल हैं।
डॉ. काला ने बताया कि शासन की मंशा है जहां विशेषज्ञ मौजूद हैं, वहां अत्याधुनिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। मेडिकल कॉलेज के तीन विभागों में वर्क स्टेशन स्थापित किया जाएगा। उर्सला समेत प्रदेश के सभी अस्पतालों में जहां विशेषज्ञ हैं, वहां वर्क स्टेशन स्थापित करने के लिए शासन से कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि एडवांस सर्जिकल वर्क स्टेशन शासन खरीदकर उपलब्ध कराएगा। कमेटी अस्पतालों में उपलब्ध विशेषज्ञों की स्थिति का आकलन करके संस्तुति करेगी। वर्क स्टेशन उच्चीकृत तकनीक वाले विभिन्न उपकरणों से सुसज्जित होंगे।
अलग-अलग अंगों की सर्जरी के लिए रहेंगे उपकरण
डॉ. काला ने बताया कि स्टेशन में 12 मॉड्यूल्स हैं। इनमें अल्ट्रा हाई डेफिनेशन फोर-के मॉनीटर भी रहेगा। इसके 12 तरह के फंक्शन हैं। अलग-अलग अंग की सर्जरी के लिए उपकरण रहेंगे। शरीर के अंदर की छोटी सी छोटी गांठ को बड़ा करके देखा जा सकेगा। मॉनीटर पर पिक्सल फटेंगे नहीं। इससे सटीक ऑपरेशन हो सकेंगे।