आईआईटी कानपुर में स्थापित स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) में देश की सीमा को सुरक्षित करने के लिए नए-नए इनोवेशन किए जा रहे हैं। संस्थान में 50 से अधिक स्टार्टअप रक्षा क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
रक्षा क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप को आईआईटी ने और मजबूत करने की तैयारी की है। देश की सुरक्षा को आंतरिक रूप से और मजबूत करने की दिशा में काम कर रहे स्टार्टअप को पांच करोड़ रुपये का फंड दिया जाएगा। इसके लिए आईआईटी कानपुर ने माउंटटेक वेंचर्स के साथ समझौता किया है। इस समझौते के तहत ही स्टार्टअप को यह फंड दिया जाएगा।
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आईआईटी कानपुर में स्थापित स्टार्टअप इंक्यूबेशन एंड इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) में देश की सीमा को सुरक्षित करने के लिए नए-नए इनोवेशन किए जा रहे हैं। संस्थान में 50 से अधिक स्टार्टअप रक्षा क्षेत्र में काम कर रहे हैं। कोई ड्रोन तैयार कर रहा है तो दुश्मन देशाें के ड्रोन को नष्ट करने का एंटी ड्रोन तैयार कर रहा है। किसी ने चिड़िया की तरह ड्रोन तैयार किए हैं तो किसी ने एआई जनरेटेड गाड़ियां तैयार की हैं।
इन स्टार्टअप को तकनीकी रूप से मजबूत करने के साथ उत्पादों की बेहतर डिजाइनिंग के लिए फंड दिया जाएगा। आईआईटी के वैज्ञानिकों की टीम रक्षा क्षेत्र में काम कर रहे स्टार्टअप का चयन करेंगे और माउंटटेक वेंचर्स की ओर से उन्हें फंड मुहैया कराया जाएगा। संस्थान के वैज्ञानिक मेंटर के रूप में स्टार्टअप को तकनीकी ज्ञान मुहैया कराएंगे।
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एसआईआईसी के प्रभारी प्रो. अंकुश शर्मा ने कहा कि स्टार्टअप को इस तरह के फंड मिलने से उनकी तकनीक व उत्पाद प्रभावशाली होगा। साथ ही नई जरूरतों के अनुसार उत्पादों में बदलाव भी किए जा सकेंगे। संस्थान के निदेशक प्रो. एस गणेश ने कहा कि यह करार मददगार साबित होगा। निवेशकों संग समझौता कर स्टार्टअप को फंड मुहैया कराने का इंतजाम कर रहे हैं।