कानपुर। ग्रीनपार्क स्टेडियम में व्याप्त अव्यवस्थाओं और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतों पर खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह ने गुरुवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्टेडियम की खराब स्थिति देखकर उन्होंने क्रीड़ा अधिकारी कर्मवीर सिंह को कड़ी फटकार लगाई और व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार के निर्देश दिए। कार्यालय के वित्तीय अभिलेखों की जांच कर कई दस्तावेजों की तस्वीरें अपने साथ लखनऊ ले गए।
खेल निदेशक के दोपहर करीब 3:55 बजे स्टेडियम पहुंचते ही खेल विभाग में खलबली मच गई। क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय में नहीं थे। हॉकी कोच मोहम्मद शाहिद कार्यालय में मिले। कुछ देर बाद क्रीड़ा अधिकारी आ गए। निदेशक ने स्टेडियम का निरीक्षण किया। इस दौरान क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, जिम सहित विभिन्न खेल सुविधाओं का जायजा लिया। खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों से बातचीत में कई कमी और खामियों की जानकारी हुई। जिम के कई उपकरण खराब मिले, जबकि बैडमिंटन खिलाड़ियों ने शटल कॉक उपलब्ध न होने की शिकायत की। रिकॉर्ड में खरीद दर्शाए जाने के बावजूद खिलाड़ियों को सामग्री उपलब्ध न होने पर निदेशक ने जमकर नाराज हुए। उन्होंने दस्तावेजों की जांच कराई। स्टेडियम परिसर की झाड़ियां, भवनों पर उगे पौधे और गंदगी देखकर अधिकारियों को फटकारा। उन्होंने क्रीड़ा अधिकारी को निर्देश दिए कि सुबह और शाम प्रशिक्षकों की उपस्थिति और खिलाड़ियों की संख्या की रिपोर्ट निदेशालय भेजी जाए। लापरवाही मिलने पर कार्रवाई की चेतावनी दी।
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वित्तीय व्यवस्था में होगा बदलाव
निदेशक को मार्च के बाद का वित्तीय लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया जा सका। उन्होंने जिम और अन्य खेलों के प्रशिक्षण शुल्क को केवल ऑनलाइन माध्यम से जमा कराने के निर्देश दिए। कहा इससे वित्तीय पारदर्शिता के साथ अनियमितताओं की संभावना कम होगी।
यूपी टी-20 लीग की तैयारियों पर संतोष
यूपी टी-20 लीग की तैयारियों को देखा। पिच क्यूरेटर भूपेंद्र और उनकी टीम की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया। यूपीसीए के बकाया किराये के संबंध में उन्होंने कहा कि फिलहाल लीग का सफल आयोजन प्राथमिकता है, जबकि किराये का भुगतान बाद में किया जा सकता है।
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नवंबर से होगा कायाकल्प
खेल निदेशक के मुताबिक प्रदेश सरकार ने ग्रीन पार्क स्टेडियम के व्यापक जीर्णोद्धार के लिए बजट स्वीकृत किया है। उम्मीद है अक्टूबर तक विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार हो जाएगी और यूपी टी-20 लीग समाप्त होने के बाद नवंबर से प्रथम चरण का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
नशे में पहुंचे कर्मचारी पर कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान खेल कार्यालय का एक लिपिक कथित रूप से नशे की हालत में पहुंचा। खेल निदेशक ने नाराजगी जताते हुए उसका चिकित्सकीय परीक्षण कराने और रिपोर्ट के आधार पर विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री को भेजी गई शिकायतों की भी समीक्षा की गई। शिकायतकर्ता से बातचीत कर संबंधित मामलों की जानकारी ली और आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।