औरैया के बिधूना कोतवाली क्षेत्र के ककराघाट रामनगर से मछली पकड़ रहे कुछ लोगों को हिरासत में लेकर थाने लाने और सात हजार रुपये लेकर छोड़े जाने के मामले में एसपी ने दरोगा को निलंबित कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। मामले की जांच कराई जा रही है।
एसपी अभिषेक वर्मा को पुर्वा बड़े निवासी कल्लू उर्फ राघवेंद्र सिंह ने शिकायत की थी कि 16 अक्तूबर को सुबह लगभग आठ बजे पुरहा नदी के रामनगर ककराघाट पर वह अपने अन्य साथियों के साथ खाने के लिए मछली पकड़ रहे थे। इसी बीच वहां पहुंचे बिधूना थाने के दरोगा लोकेश कुमार ने सभी को पकड़ लिया। जहां पर दरोगा ने उनसे जाति पूछी और हंसते हुए बिधूना कोतवाली ले गए।
शाम चार बजे तक बैठाया और आधार कार्ड लेकर मुचालका भरवाया और सात हजार रुपये रिश्वत लेकर छोड़ दिया। बाद में पता चला कि दरोगा ने सभी के ऊपर पांच-पांच लीटर कच्ची शराब लगा दी है। पीड़ित ने दरोगा पर जानबूझकर गलत तरीके से फंसाने का आरोप लगाया था। पूरे प्रकरण का पीड़ितों ने एक वीडियो भी पुलिस को सौपा। इस मामले में एसपी ने सीओ बिधूना से जांच कराई।
जांच में मामला सही पाए जाने पर कल्लू उर्फ राघवेंद्र की तहरीर पर कोतवाली में दरोगा लोकेश के खिलाफ भ्रष्टचार निवारण अधिनियम, अनुसूचित जाति जनजति निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया है। एसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला सही पाया गया है, दरोगा को निलंबित कर दिया गया है। जांच की जा रही है, विभागीय कार्रवाई की जाएगी।