कानपुर में जाजमऊ में प्लॉट पर कब्जे को लेकर आगजनी के मामले में आरोपी सपा विधायक इरफान सोलंकी को अभी जेल में ही कैद रहना पड़ेगा। हाईकोर्ट से भी जमानत याचिका खारिज होने के बाद उनकी जल्द रिहाई की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।
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हालांकि फर्जी आधार कार्ड से हवाई यात्रा करने के मामले में अभी फैसला नहीं आया है। जाजमऊ में प्लॉट पर कब्जे को लेकर आगजनी की घटना हुई थी। मामले में नजीर फातिमा ने सपा विधायक इरफान सोलंकी और उनके भाई रिजवान सोलंकी के खिलाफ प्लॉट पर कब्जे के लिए आग लगवाने का आरोप लगाया था।
साथ ही, जाजमऊ थाने में सात नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में सेशन कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद उनके अधिवक्ता गौरव दीक्षित ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी। जहां उन्होंने झूठा फंसाया जाने का तर्क रखा था।
हालांकि अभियोजन की सख्त पैरवी के चलते हाईकोर्ट से भी इरफान को जमानत नहीं मिल सकी। अधिवक्ता गौरव दीक्षित ने बताया कि आगजनी मामले में इरफान की जमानत याचिका खारिज हो गई है, लेकिन फर्जी आधार कार्ड मामले में अभी फैसला नहीं आया है। सरकार को जवाब लगाना है।