कानपुर में सपा नेता रिया सिद्दीकी ने कहा कि वह सियासत के लिए हिजाब नहीं छोड़ सकतीं। हिजाब प्रकरण को लेकर उन्होंने कहा कि देश संविधान से चलता है किसी संप्रदाय या धर्म के नियमों से नहीं। आज हिजाब उतारने के लिए कहा जा रहा है और कल पगड़ी का विरोध किया जाने लगेगा।
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यह सोचना चाहिए कि धर्म बड़ा है या फिर संविधान? हर व्यक्ति को अपने लिहाज से खाना खाने, कपड़ा पहनने का अधिकार है। यह मौलिक अधिकार है। इस पर कोई सियासत नहीं कर सकता। वैसे राजनीतिक दल अभी ऐसी कोई शर्त नहीं रख रहा है। वह कभी भी बिना हिजाब के राजनीति नहीं करेंगी। अगर ऐसी कोई शर्त आई तो फिर सियासत छोड़ देंगी।
रिया सिद्दीकी सपा में आने के पहले एमआईएमआईएम की महिला शाखा की अध्यक्ष रही हैं। उनका कहना है कि देश में हिजाब का विवाद बेवजह पैदा किया गया है। हिजाब के बजाए सरकारों को बेटियों की शिक्षा के संबंध में सोचना चाहिए। आम जनता की समस्याओं के मामलों पर सक्रियता दिखानी चाहिए। रोटी, कपड़ा और मकान हर नागरिक का हक है। लेकिन भाजपा सरकारें इनसे ध्यान हटाने के बजाए हिजाब का मुद्दा उछाल रही हैं।