कन्नौज जिले के तालग्राम में शिक्षकों की अनदेखी के चलते मिड-डे मील के लिए हुई धक्का मुक्की में कंपोजिट स्कूल कुशलपुर्वा के करीब 10 छात्र उबलती हुई दाल के भगौने में जा गिरे। दो छात्र गंभीर रूप झुलस गए। छात्रों को बचाने के प्रयास में दो रसोइयां भी झुलसी हैं।
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इस समय परिषदीय स्कूलों में वार्षिक गृह परीक्षाएं चल रही हैं। पूर्वाह्न करीब 11:30 बजे पेपर होने के बाद छात्र-छात्राएं मिड-डे मील के लिए लाइन में लग गए। इसी दौरान छात्रों में धक्का-मुक्की होने लगी। देखते ही देखते करीब 10 छात्र उबलते हुए दाल के भगौने में जा गिरे।
कक्षा पांच के छात्र योगेश (10) और अर्पित कुमार (10) अधिक झुलस गए। छात्रों को बचाने के प्रयास में रसोइयां रेखा और अनीता भी झुलस गईं। सभी को तालग्राम सीएचसी में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर दोनों छात्रों को राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा रेफर किया गया है, मगर बेहतर इलाज के लिए परिजन बच्चों को निजी चिकित्सक के यहां लेकर चले गए।
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छात्र योगेश के पिता श्याम सिंह ने बताया कि शिक्षकों की लापरवाही से हादसा हुआ है। भोजन वितरण के दौरान कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं था। इस वजह से छात्रों के साथ इतना बड़ा हादसा हो गया। छात्र अर्पित का कहना है कि वह लाइन में लगा था। पीछे के लड़कों ने धक्का दे दिया, जिससे गर्म दाल के भगौने में गिरने से वह घायल हो गया।
उसका कहना है कि अगर मास्टर जी मौजूद होते तो धक्का-मुक्की नही होती। इंचार्ज शिक्षक उरूज आलम का कहना है कि 11:30 बजे सामाजिक विज्ञान का पेपर छूटा और 12 बजे से दूसरा पेपर होना था। इसी जल्दबाजी में धक्का-मुक्की से बच्चे गिर गए।
सूचना पर एआरपी सुदीप पटेल मौके पर पहुंचे और हादसे की जानकारी ली। खंड शिक्षाधिकारी डॉ. विमल कुमार का कहना है। इस समय यूपी बोर्ड परीक्षा में उड़न दस्ता टीम में ड्यूटी लगी है। हादसे पर नजर रखी जा रही। दोषी शिक्षकों पर कार्रवाई की जाएंगी।
खाना कम पड़ता है, आए दिन होती धक्का-मुक्की
विद्यालय में 285 बच्चे हैं और पांच शिक्षक हैं, जबकि खाना बनाने के लिए पांच रसोइया रेखा, शोभा, अनीता, कमला और रामदेवी हैं। बच्चों का कहना है कम खाना मिलता है, इसलिए कभी-कभी भूखा रहना पड़ता है। पहले भोजन लेने के चक्कर में आए दिन धक्का-मुक्की हो जाती है। गुरुवार को जब हादसा हुआ तो शिक्षक कक्ष में खाना खा रहे थे।
भूखे रहे बच्चे
भगौना में पकी दाल में बच्चों के गिरने से खराब हो गई। इससे स्कूल के बच्चों को भूखे ही रहना पड़ा। कुछ बच्चे तो बिस्कुट खाते नजर आए कुछ घर भोजन करने चले गए।
स्कूल नहीं पहुंची बीएसए
स्कूल के कई छात्रों पर उबलते दाल का भगौना गिरने की जानकारी मिलने के बाद भी बीएसए छात्रों को देखने नहीं पहुंचीं। इससे उनके परिजनों में आक्रोश है। बीएसए संगीता सिंह ने रसोइयों और शिक्षकों का ब्योरा तलब किया है।
मेन्यू के अनुसार नहीं बना भोजन
स्कूल में मेन्यू के अनुसार खाना नहीं बनता है। छात्रों का कहना है कि जो शिक्षकों को खाना होता है, वहीं बनवाते हैं। इसकी कई बार ग्रामीणों ने विभागीय अधिकारी से शिकायत भी की, मगर कुछ नहीं हुआ। गुरुवार को सब्जी और रोटी का मेन्यू है, लेकिन दाल और चावल बनवाया गया था। यह 285 बच्चों के लिए पर्याप्त भी नहीं था। रसोइया रेखा और अनीता ने बताया कि पेपर हो रहे थे, इसलिए चावल दाल बनाया गया।
रसोइया ने अपने बच्चे को संभाला
छात्रों का आरोप है कि उबलते दाल के भगौना में गिरे बच्चों में रसोइया ने अपने बच्चे योगेश को तुरंत संभाला, जबकि दूसरे को जल्द नहीं उठाया। इससे वह ज्यादा झुलस गया। गंभीर हालत में रोते हुए अर्पित ने बताया आंटी हमें भी उठा लेती तो मैं भी बच जाता।
सीएचसी में एक बेड पर दोनों छात्रा का इलाज
झुलसे छात्रों को एंबुलेंस से सीएचसी तालग्राम लाया गया, लेकिन इमर्जेंसी कक्ष में मात्र तीन बेड ही पडे़ थे। एक पर मझैइया के रामआसरे और दूसरे पर कस्बा का एक मरीज लेटा था। इसके चलते दोनों झुलसे छात्रा का एक ही बेड पर लिटाकर इलाज किया गया। बेड पर चादर भी गायब थी। सीएचसी प्रभारी डॉ. कुमारिल मैत्रेय ने कहा कि जल्दबाजी में लिटा दिया गया होगा। ऐसे कैसे हुआ जांच करेंगे।