कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की ओर से गठित टीम ने जूही राखी मंडी समेत छह जगहों से मिट्टी और पानी के नमूने लिए हैं। इन सभी की प्रयोगशाला में जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
जूही राखी मंडी में लंबे समय तक फैक्टरियों का कचरा डंप रहा है। इस वजह से क्षेत्र का भूजल दूषित और मिट्टी खराब हो गई है। जांच के दौरान यहां पर क्रोमियम सहित अन्य तत्व पाएं गए थे। इसके बाद से लगातार एनजीटी की ओर से इस पर नजर रखी जा रही है। टीम ने गुरुवार को औद्योगिक क्षेत्र जाजमऊ, रूमा ट्रीटमेंट स्टोरेज डिस्पोजल फैकल्टी, पनकी औद्योगिक क्षेत्र, नाैरैयाखेड़ा और तेजाब मिल से मिट्टी और पानी के नमूने लिए हैं। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजित कुमार सुमन ने बताया कि छह जगहों से मिट्टी और पानी के नमूने लिए गए हैं। इन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
शुद्ध पेयजल के लिए बनाई गई टंकी
जूही राखी मंडी का भूजल दूषित होने की वजह से जल निगम की ओर से यहां पर टंकी के माध्यम से लोगों के घरों तक पानी पहुंचाया जा रहा है। वहीं घरों में लगे सबमर्सिबल पंप से आज भी दूषित पानी निकल रहा है।