इस तरह कानपुर में मंगलवार को छाया रहा सफेद धुआं, स्कूलों में बच्चे मास्क लगाकर पहुंच रहे
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हरियाणा के खेतों में जलाए जा रही फसलों के अवशेष से उठा धुआं और हानिकारक तत्व हवाओं के सहारे सेंट्रल यूपी तक आ गए हैं। दिल्ली के बाद अब कानपुर भी इस प्रदूषण की चपेट में आ गया है। शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर कई गुना बढ़ गया है। मंगलवार को सुबह से धुंध छाई रही, इससे जनजीवन प्रभावित होने लगा है। स्कूलों में बच्चे और सड़कों पर लोग मास्क लगाकर निकले। लोगों ने अपनी आंखों में जलन महसूस की वहीं ट्रेनों की चाल भी प्रभावित रही।
मंगलवार को शहर की आबोहवा और जहरीली रही। हवा में घुसे पीएम 2.5 (सेहत को नुकसान पहुंचाने वाले सूक्ष्म कण) की मात्रा में 4 ग्राम की अधिकता पाई गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की मॉनीटरिंग में एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 374 आंका गया, जबकि एक दिन पहले यह मात्रा 370 ग्राम प्रति क्यूबिक मीटर थी। एक्यूआई प्रदूषण को मापने की इकाई है।
सीपीसीबी ने अलर्ट जारी किया है कि अगले चार दिनों में पीएम 2.5 की मात्रा तेजी से बढ़ेगी। इसकी वजह यह है कि हरियाणा, दिल्ली, पंजाब की तरफ से धुआं और हानिकारक गैसें हवा के साथ तेजी से यूपी की तरफ आ रहे हैं। सीपीसीबी की रिपोर्ट के मुताबिक मंगलवार से लेकर बृहस्पतिवार के बीच न्यूनतम तापमान 16 से 19 डिग्री सेंटीग्रेट के बीच रहने की संभावना है। ऐसी स्थिति में हवा में हानिकारक तत्व ज्यादा ऊंचाई तक नहीं जा पाएंगे जिससे शहर के ऊपर एक परत जैसी नजर आ सकती है। ऐसे में बचाव के लिए सुबह और देर शाम मास्क लगाकर निकलने की हिदायत भी दी गई है। शहर में सीपीसीबी की तरफ से नेहरू नगर में प्रदूषण मापक केंद्र स्थापित किया गया है। वहीं से मानीटरिंग की जा रही है।
सोमवार की एक्यूआई रिपोर्ट
पीएम 2.5---374
कार्बन डाई आक्साइड--66 ग्राम
नाइट्रोजन डाई आक्साइड--32 ग्राम
सल्फर डाई आक्साइड.....3 ग्राम
ओजोन-----4 ग्राम