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शहर के डॉक्टरों को छह पुरस्कार

Sun, 07 Feb 2016 01:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कानपुर
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ओआरएस, बेटी बचाओ समेत छह कार्यक्रमों को सफलतापूर्वक चलाने पर कानपुर के बाल रोग विशेषज्ञों को राष्ट्रीय स्तर के छह पुरस्कार मिले हैं। इसके अलावा प्रदेश स्तर पर कानपुर की ब्रांच को बेस्ट ब्रांच का भी अवार्ड मिला है।
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हैदराबाद में हुए इंडियन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (आईएपी) के राष्ट्रीय सम्मेलन में ये पुरस्कार दिए गए। शनिवार को गैंजेज क्लब में आयोजित कार्यक्रम में वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एमएम मैथानी और डॉ. आरएन चौरसिया ने बताया कि 19 व 20 जनवरी को हैदराबाद में हुए आईएपी के राष्ट्रीय सम्मेलन में छह अवार्ड मिलने से कानपुर के डॉक्टरों का गौरव बढ़ा है।

महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा (डीजीएमई) डॉ. वीएन त्रिपाठी, डॉ. राजतिलक, डॉ. विवेक सक्सेना, डॉ. रोली श्रीवास्तव, डॉ. जेके गुप्ता, डॉ. यशवंत राव और डॉ. अनुराग बाजपेई ने अवार्ड ग्रहण किए। देर रात निमोकाकल टीकाकरण पर डॉ. विवेक सक्सेना और डॉक्टर व मरीजों के संबंधों पर डॉ. राजतिलक ने अपने विचार रखे।
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डॉ. प्रदीप मट्टू ने संभाला कार्यभार
कानपुर। शनिवार को आईएपी कानपुर ब्रांच के नए अध्यक्ष डॉ. प्रदीप मट्टू और उनकी कार्यकारिणी ने विधिवत कार्यभार ग्रहण कर लिया। डॉ. मट्टू के साथ उपाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव व डॉ. अनुराग भारती, सचिव डॉ. सीएस गांधी, कोषाध्यक्ष डॉ. जेजे तांबे, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. जेके गुप्ता, डॉ. विनीत अग्रवाल, डॉ. वैभव नाथ भल्ला, डॉ. जेएस चौहान, डॉ. सुमित सचान आदि ने कार्यभार ग्रहण किया।

निवर्तमान अध्यक्ष डॉ. नवीन सहाय और सचिव डॉ. केके डोकनिया ने कार्यभार सौंपा। इससे पहले मुख्य चुनाव अधिकारी डॉ. एमएम मैथानी ने 2016 की कार्यकारिणी का ऐलान किया।

डॉक्टर दें सलाह, कैसे अच्छे हों बीमा अस्पताल
कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) ने अपने अस्पतालों और डिस्पेंसरियों में स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों से सुझाव देने की अपील की है। कहा गया है कि विशेषज्ञ डॉक्टर तीन महीने के अंदर अपने सुझाव दे सकते हैं। इसके लिए डॉक्टर नई दिल्ली हेडक्वार्टर संपर्क कर सकते हैं।

दिल्ली जाकर सुझाव देने वाले डॉक्टरों को होटल में रहने का खर्च, टीए-डीए मिलेगा। ईएसआईसी के मेडिकल कमिश्नर की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बीमा अस्पतालों में बीमित व्यक्तियों (आईपी) को उत्कृष्ट इलाज देने की योजना बनाई गई है।

न्यूरोलॉजी, न्यूरो सर्जरी, यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, ऑप्थल्मोलॉजी, इंडोक्राइनोलॉजी, पीडियाट्रिक नियोनेटोलॉजी से संबंधित बीमारियों के इलाज की सुविधा ईएसआईसी के अस्पतालों को दी जानी है। डॉक्टरों को हॉस्पिटल में जगह की उपलब्धता, मैन पावर, उपकरण आदि पर सुझाव देने हैं। उन्होंने कहा कि तीन महीने में कम संसाधन में सेंटर शुरू करने की योजना है।

पूर्व पीएम के डॉक्टर आज करेंगे ऑपरेशन
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के सर्जन डॉ. केएन श्रीवास्तव रविवार को हैलट में हार्निया मरीजों का ऑपरेशन करेंगे और डॉक्टरों को दूरबीन विधि के बारे में बताएंगे।

डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल के डायरेक्टर रहे डॉ. श्रीवास्तव का व्याख्यान भी होगा। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के सर्जरी विभाग की ओर से सात फरवरी को हैलट इमरजेंसी स्थित ऑपरेशन थियेटर में हार्निया सर्जरी की जाएगी। सर्जरी का प्रसारण जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के ऑडिटोरियम में किया जाएगा।

बाल रोग में होगा टीकाकरण
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के जच्चा-बच्चा अस्पताल की जगह अब बाल रोग अस्पताल में अगले हफ्ते से बच्चों को टीके लगाए जाएंगे। टीके रखने के लिए आईएलआर (आईस लाइंस रेफ्रिजरेटर), डीप फ्रीजर समेत अन्य उपकरणों को मंगाया जा रहा है।

बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. यशवंत राव ने बताया कि बच्चों के सभी टीके निशुल्क उपलब्ध रहेंगे। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (डीआईओ) डॉ. जीके मिश्रा ने कहा कि जच्चा-बच्चा अस्पताल को अब स्टोरेज यूनिट बनाया जा रहा है।

दस हजार से ज्यादा का खर्च
सरकार की ओर से सरकारी अस्पतालों में जो टीके जन्म से लेकर 10 साल तक लगाए जाते हैं, उनकी कीमत प्राइवेट में दस हजार रुपये से ज्यादा होती है। सरकारी क्षेत्र में हाल में लांच हुए पेंटावैलेंट के एक डोज की कीमत ही 500 रुपये से ज्यादा है। तीन डोज लगाई जाती हैं।
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डॉ. जीके मिश्रा ने बताया रोटावायरस भी रूटीन टीकाकरण में शामिल होने का प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन है। यह टीका आ गया तो काफी सहूलियत मिलेगी।
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