उरई। फर्जी आधार कार्ड बनाने के आरोप में अंडमान निकोबार पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए आरोपी धर्मेंद्र की फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है। वहीं, कालपी में हुए फर्जी आधार कार्ड बनाने के मामले में आरोपी का नाम आने पर दोबारा जांच के लिए एसपी ने एसआईटी गठित की है। सीओ की अगुवाई में टीम पूरे मामले की जांच करेगी। अगर उसमें आरोपी का नाम आता है तो स्थानीय पुलिस कड़ी कार्रवाई करेगी।
कालपी तहसील के छौंक गांव में विद्यावती के नाम करीब 26 बीघा जमीन दर्ज थी। 28 अगस्त 2023 को कई लोगों ने फर्जी आधार कार्ड बनाकर दूसरी महिला को विद्यावती बनाकर जमीन का बैनामा करा दिया था। सभी आरोपी करीब 2.17 करोड़ रुपये डकार गए थे। विद्यावती की शिकायत पर कालपी के आलमपुर निवासी संदीप, कालपी के एक्सिस बैंक में तत्कालीन मैनेजर इटावा निवासी अनमोल मिश्रा, औरैया निवासी आशुतोष दुबे, प्रशांत तिवारी सहित 26 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। तीन लोगों को अग्रिम जमानत मिल गई थी।
मामले में कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला बापू साहब निवासी धर्मेंद्र सक्सेना का नाम सामने आने पर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। उस समय उसकी ही फर्म कालपी व उरई में आधार कार्ड बनाने का काम कर रही थी। अपने प्रभाव की वजह से उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। मंगलवार को आरोपी धर्मेंद्र को अंडमान निकोबार पुलिस ने कोलकाता से गिरफ्तार किया था। आरोप है कि धर्मेंद्र ने 34 हजार फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं।
एसपी डॉ. दुर्गेश कुमार ने शनिवार को पूरे मामले की जांच एसआईटी से कराने का निर्णय लिया। उन्होंने सीओ कालपी एके सिंह की अगुवाई में टीम गठित की है। टीम में पुलिस कार्यालय के दो उप निरीक्षक, कालपी कोतवाली के दो उप निरीक्षक व कोतवाली प्रभारी रहेंगे। जांच के बाद रिपोर्ट एसपी को सौंपी जाएगी। वहीं, झांसी के बीएसएनएल के एजीएम महेश त्रिपाठी ने आरोपी धर्मेंद्र की आधार बनाने की फर्म को ब्लैक लिस्ट कर दिया है।
विदेशों से जुड़ रहे तार, जांच में जुटी पुलिस
आरोपी धर्मेंद्र को अंडमान निकोबार द्वीप समूह में आधार कार्ड बनाने की जिम्मेदारी मिली थी। वहां उसे 20 मशीनें दी गई थीं लेकिन वह दो मशीनों से ही काम करवाता था। सूत्रों की माने तो आरोपी विदेश से आने वाले कुछ लोगों को फर्जी आधार कार्ड तैयार कर देता था। इसके एवज में मुंहमांगी रकम लेता था। पुलिस इस बिंदू पर भी जांच कर रही है।
वर्जन
कालपी में हुए प्रकरण की दोबारा से जांच के लिए एसआईटी टीम गठित की गई है। टीम जांच के बाद उन्हें रिपोर्ट सौंपेगी।
- डॉ. दुर्गेश कुमार, एसपी जालौन