मायूस होकर नहीं जाएंगी बहनें, मिलाई पर रहेगा प्रतिबंध
जिला कारागार में इस साल रक्षाबंधन पर कोई भी बहन मासूय होकर नहीं जाएंगी। खाली हाथ भाइयों से मिलने आने वाली बहनों को भाईयों की कलाई पर बांधने के लिए राखी के अलावा मिठाई, अक्षत, रोली की व्यवस्था जेल प्रशासन की ओर से किया गया है। यह सब बहनों को जेल के अंदर मुहैया कराया जाएगा।
साथ ही उस दिन केवल महिलाएं ही जेल में भाइयों से मिलने जा सकेंगी, पुरुषों की मिलाई प्रतिबंधित रहेगी। वही पुरुष अंदर जा सकेंगे, जिनकी बहनें जेल में बंद है। ऐसा पहली बार होगा जब जेल प्रशासन बहनों को इतनी सहूलियत देगा।
ये की गई व्यवस्था
जेल प्रशासन द्वारा सुबह 8 बजे ही मुलाकातियों के लिए काउंटर खोल दिया जाएगा। जहां पर बहनें अपने भाई को राखी बांधने के लिए आवेदन करेंगी। इसके लिए अतिरिक्त फोर्स तैनात किया गया है। जहां से उन्हें मुलाकात स्थल भेजा जाएगा। वहां कोविड प्रोटोकॉल के तहत मौजूद अधिकारी बंदी को बुलाकर बहनों से राखी बंधन का कार्य कराया जाएगा।
इससे पहले जेल प्रशासन मुलाकातियों की ओर से बंदियों की खातिर लिए लाए गए सामानों को गेट पर ही रखवा लिया जाता है, जो जांच के बाद संबंधित बंदियों तक जेलकर्मी पहुंचा देते हैं। व्यवस्था में कोई कमी नहीं हो, इसके लिए जेल प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। इसमें समाज सेवी संस्था की ओर से लाई गई राखियों को जेल में बंद भाईयों के हाथों बहनें बाधेंगी। एक तरह से बहनों के लिए यह जेल प्रशासन की ओर से एक सौगात है।
रक्षाबंधन के पर्व पर बहनों को मायूस होकर वापस न लौटना पड़े। इसके लिए व्यापक इंतजाम किया गया है। पर्व पर बहनों की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली चीजें उन्हें अंदर ही मुहैया करा दी जाएगी। यह बहनों के लिए जेल प्रशासन की ओर से एक सौगात है। -बीडी पांडेय, जेल अधीक्षक