शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर मंगलवार शाम छह बजे 112.830 मीटर पर पहुंच गया। यह खतरे के निशान 113 मीटर से महज 17 सेंटीमीटर दूर है। खतरे के निशान तक पहुंचने से पहले ही नगर के 15 मोहल्लों में गंगा का पानी घुस गया है।
इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। घरों में पानी घुसने से कई परिवारों का गृहस्थी का सामान डूब गया। इसके अलावा किसी की दुकान तो किसी के वाहन डूब गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में हड़कंप मचा है। केंद्रीय जल आयोग शुक्लागंज के अनुसार, मंगलवार सुबह 10 बजे गंगा का जलस्तर 112.740 मीटर, दोपहर 12 बजे 112.770 मीटर और शाम छह बजे 112.830 मीटर पर पहुंच गया।
सोमवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 112.520 मीटर था। 24 घंटे में कुल 31 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बताया गया कि प्रतिघंटे डेढ़ सेंटीमीटर की गति से गंगा में पानी बढ़ रहा है। इस तरह नदी तेजी से खतरे के निशान की ओर बढ़ रही है।
प्रशासन की व्यवस्था नाकाफी, नाविकों की मनमानी
नगर के चंपापुरवा, गगनीखेड़ा, कर्बला, हुसैन नगर, गोताखोर, मिश्रा कॉलोनी गंगा कटरी, मनोहर नगर, इंद्रा नगर, शक्ति नगर, रविदास नगर, श्रीनगर, ब्रह्मनगर, पीपरखेड़ा कटरी, अहमद नगर, फत्तेखेड़ा कटरी समेत 15 मोहल्लों में गंगा का पानी घुस गया है।
कई मोहल्लों की गलियां जलमग्न होने से आवागमन भी बाधित है। लोग नाव से किसी तरह से अपने सामानों को सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे है। लोगों ने बताया कि प्रशासन द्वारा अभी भी नाव की व्यवस्था नहीं कराई गई है। इसके चलते नाविक मनमाफिक किराया वसूल रहे हैं। पिछले तीन दिन में कई परिवार पलायन कर गए।