कानपुर देहात। शिवली थाना के नौबस्ता स्थित मंदिर से चोरी हुईं श्रीराधा-कृष्ण की अष्टधातु की मूर्तियां बरामदगी के बाद से शिवली थाना के मालखाना में कैद थीं। मामले में कोर्ट के आदेश के बाद रविवार को श्रीराधा-कृष्ण की थाना मालखाने से रिहाई हो सकी। पुलिस ने मंदिर के पुजारी को अष्टधातु की मूर्तियां सौंप दीं। अब जल्द ही श्रीराधा-कृष्ण मंदिर में विराजेंगे।
शिवली थाना के मालखाना में रखीं अष्टधातु की श्रीराधा-कृष्ण की मूर्तियों को रिलीज करवाने के लिए नौबस्ता गांव निवासी पुजारी कृष्ण पाल सिंह ने सीजेएम कोर्ट में प्रार्थना पत्र दिया था। जिस पर 11 जून 2025 को कोर्ट से मूर्तियां सौंपने का आदेश जारी हुआ था। रविवार को पुजारी कोर्ट का आदेश लेकर थाना पहुंचे। थानाध्यक्ष मुकेश कुमार सोलंकी को कोर्ट का आदेश दिया। कागजी प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद हेड कांस्टेबल कैलाश यादव ने अष्टधातु की दोनों मूर्तियां पुजारी को सौंप दी। मूर्तियां मिलने पर लोगों ने खुशी जाहिर की है। कृष्ण पाल सिंह ने बताया कि ने बुजुर्गों ने उनके घर के बाहर मंदिर बनवा कर अष्टधातु की श्रीराधा-कृष्ण की 15 किलो 870 ग्राम वजन की मूर्तियां स्थापित करवाईं थीं। वह मंदिर की देखरेख करता था।
19 फरवरी 2013 की रात को चोर मंदिर से दोनों मूर्तियां चोरी कर ले गए थे। मामले में उसने शिवली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के अगले दिन 20 फरवरी 2013 को तत्कालीन थाना प्रभारी रूप कृष्ण त्रिपाठी व भाऊपुर चौकी प्रभारी रणजीत सिंह ने डेरापुर थाना क्षेत्र के नुनारी गांव में छापा मार कर योगेश सिंह व उसके साथी सलीम को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने मूर्तियां बरामद करने के बाद दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया था। तभी से मूर्तियां शिवली थाना के मालखाना में रखीं थीं। पुजारी ने बताया कि जल्द ही मंदिर की साफ सफाई करवाने के बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ मूर्तियों को उनके स्थान पर स्थापित करवाया जाएगा। साथ ही मंदिर की सुरक्षा की भी व्यवस्था की जाएगी। शिवली थानाध्यक्ष मुकेश सोलंकी ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर माला खाना में मौजूद श्रीराधा-कृष्ण की मूर्तियां पुजारी को सौंपीं गई।