फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

चाचा-भतीजे की नूरा-कुश्ती: शिवपाल बोले- आजम खां के जेल से बाहर आने के बाद नए मोर्चे पर करेंगे विचार, अखिलेश पर साधा निशाना

Fri, 29 Apr 2022 08:57 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फर्रुखाबाद

सार

कमालगंज क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि आजम खां की रिहाई के लिए सपा ने सही तरीके से आवाज ही नहीं उठाई। आजम की मदद के लिए नेताजी धरना देते, तो प्रधानमंत्री बात जरूर मानते। 
विज्ञापन
शिवपाल सिंह यादव - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

फर्रुखाबाद जिले के कमालगंज क्षेत्र में शुक्रवार को भोजपुर कन्हैया के पास आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि वह जेल से बाहर आने के बाद सपा नेता आजम खां के साथ एक नया मोर्चा बनाने पर विचार करेंगे। इस दौरान उन्होंने पत्रकारों से कहा कि समाजवादी पार्टी का इतिहास संघर्ष, आंदोलन व धरना-प्रदर्शन करने का रहा है, पर अब यह दिखाई नहीं देता।

विज्ञापन


आजम खां की रिहाई के लिए सपा ने सही तरीके से आवाज ही नहीं उठाई। सभी जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नेताजी का बहुत सम्मान करते हैं। यदि आजम खां की मदद के लिए नेताजी के नेतृत्व में लोकसभा के सामने धरना दिया जाता, तो  प्रधानमंत्री उनकी बात जरूर सुनते व मानते।



उन्होंने कहा कि आजम खां के साथ जुल्म हो रहा है। उनकी यूनिवर्सिटी ध्वस्त कर दी गई। वह 10वीं बार विधानसभा के सदस्य हैं। संसद व राज्यसभा में भी रहे हैं। हम उनके साथ हैं। हम  बार-बार कह रहे कि नेताजी की नेतृत्व में उनकी मदद होनी चाहिए थी, लेकिन उनके लिए जो धरना-प्रदर्शन, आंदोलन होना चाहिए था, वह सपा की ओर से नहीं हुआ। नेताजी लोकसभा के सामने धरने पर बैठ जाते, तो प्रधानमंत्री जरूर उनकी बात सुनते व मानते। 

विज्ञापन
विज्ञापन

उनके भाजपा में जाने के संबंध में अखिलेश यादव के बयान पर शिवपाल सिंह ने कहा कि अखिलेश का यह गैर जिम्मेदाराना व नादानी भरा बयान है। यदि वह उन्हें भाजपा में भेजना चाहते हैं, तो वह उन्हें पहले समाजवादी विधानमंडल दल से निकालें। नया मोर्चा बनाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उचित समय पर फैसला होगा, आजम भी बाहर आ जाएं।

उन्होंने सभी कमेटियां भंग कर दी हैं, समीक्षा भी कर ली है। ईद के बाद लखनऊ में बैठकर प्रमुख नेताओं को बुलाकर विचार किया जाएगा और गठन की शुरुआत की जाएगी। विधानसभा चुनाव में सपा की हार के कारण पूछे जाने पर उन्होंने अखिलेश का नाम लिए बिना कहा कि यह बात उनसे पूछी जानी चाहिए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें