शनि 23 मई से वक्री हो रहे हैं। शनि का वक्री होना भारत के लिए काफी अच्छा माना जा रहा है। कोरोना के प्रभाव में कमी आएगी और अन्य बीमारियों से भी लोगों को राहत मिलेगी। पद्मेश इंस्टीट्यूट ऑफ वैदिक साइंसेस के संस्थापक केए दुबे पद्मेश ने बताया कि जिनकी कुंडली में शनि वक्री है, उन्हें इस कालखंड में करियर से संबंधित लाभ मिलेगा।
उनके स्वास्थ्य में भी सुधार आएगा। वहीं, जिनकी राशि मिथुन, तुला, धनु, मकर, कुंभ है, शनि की साढ़ेसाती चल रही है इन लोगों के लिए भी यह कालखंड उत्तम होगा। ये लोग अभी शनि की साढ़ेसाती से 17 जनवरी 2023 तक प्रभावित रहेंगे। लेकिन, वक्री होने के कारण इस काल खंड में लाभ मिलता रहेगा।
26 मई को दोपहर 2:17 से शाम 7:19 बजे तक खग्रास चंद्र ग्रहण पड़ेगा। यह पूर्वी राज्यों में दिखेगा। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र में असर नहीं पड़ेगा। 10 जून को सूर्य ग्रहण होगा। यह भी भारत में नहीं दिखेगा, लेकिन दोनों ग्रहण के प्रभाव से कोरोना का प्रभाव कम होगा।