यह भी आरोप है कि नई सड़क बवाल में आरोपी और बड़ी मात्रा में शत्रु संपत्तियों के बेचने के आरोपी मुख्तार बाबा ने भी इसी चैंबर के जरिये सभी रजिस्ट्रियां कराई हैं। प्रशासन से की गई शिकायत में यह भी कहा गया, इसमें से कई संपत्तियां लंबे समय तक शाह बशीर आलम के नाम दर्ज रही हैं।
ब्रिटेन का वीजा लेकर आते थे खरीदने
महानगर में स्थापित शत्रु संपत्तियों को बेचने के लिए कई पाक नागरिक जिसमें शाहिद हलीम, हुमायूं नजर का नाम भी शामिल है, सहित कई लोग पाकिस्तान के बजाय ब्रिटेन का वीजा बनवाकर यहां आते थे। वे सभी यहां बशीर आलम के चैंबर आते थे और रजिस्ट्री करके चले जाते थे।
बशीर केयरटेकर को सौंप गए थे चैंबर
अधिवक्ता शाह बशीर आलम करीब 70 वर्ष की उम्र में अपने बेटे के पास पाकिस्तान जाते समय अपने चैंबर को उन्हीं के यहां काम करने वाले अब्दुल गफ्फार को सौंप गए थे। जिस पर आज भी गफ्फार के परिजनों का कब्जा है।
इस संबंध में उनके पास शिकायत आई है। इसकी जांच के लिए इसे पुलिस विभाग को भेज दिया है। जैसी रिपोर्ट आएगी, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। -अतुल कुमार अपर जिलाधिकारी नगर