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Kanpur News: शाह बशीर चले गए थे पाकिस्तान, उनके चैंबर से बिकती रहीं शत्रु संपत्तियां, पुलिस ने शुरू की जांच

Sun, 01 Jan 2023 04:04 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर में अब तक जितनी भी शत्रु संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई है, वो सिविल लाइंस के शाह बशीर के चैंबर से हुईं हैं। मामले की शिकायत पर पुलिस को जांच दी गई हैं। साथ ही, खुफिया एजेंसियों को भी सतर्क किया गया है।
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शत्रु संपत्ति - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश के कानपुर में शत्रु संपत्तियों को फर्जी तरीके से बेचने का मामला सामने आया है। दरअसल, अभी तक जितनी शत्रु संपत्तियों की रजिस्ट्री हुई है, वह सभी रजिस्ट्रियां भारतीय से पाक नागरिक बने शाह बशीर आलम के सिविल लाइंस स्थित चैंबर से हुई हैं।

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बशीर का यह चैंबर आज भी सिविल लाइंस में उसी जगह स्थापित है। मुख्तार बाबा ने जितनी शत्रु संपत्तियां बेची हैं, उन सबकी रजिस्ट्री भी यहीं पर हुई है। अब इस मामले की जांच शुरू हो गई है। खुफिया विभाग इसमें पाकिस्तानी कनेक्शन भी ढूंढ रहा है।
शत्रु संपत्ति संरक्षण संघर्ष समिति की ओर से इस महीने की 12 तारीख को एक शिकायत की गई थी कि शाह बशीर आलम जो पेशे से अधिवक्ता थे। इसके बाद में वे अपने बेटे के पास पाकिस्तान चले गए थे। उनके सिविल लाइंस स्थित चैंबर से महानगर में स्थापित शत्रु संपत्तियों को खरीदने-बेचने का धंधा होता रहा है, जो आज भी जारी है।

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यह भी आरोप है कि नई सड़क बवाल में आरोपी और बड़ी मात्रा में शत्रु संपत्तियों के बेचने के आरोपी मुख्तार बाबा ने भी इसी चैंबर के जरिये सभी रजिस्ट्रियां कराई हैं। प्रशासन से की गई शिकायत में यह भी कहा गया, इसमें से कई संपत्तियां लंबे समय तक शाह बशीर आलम के नाम दर्ज रही हैं।

ब्रिटेन का वीजा लेकर आते थे खरीदने
महानगर में स्थापित शत्रु संपत्तियों को बेचने के लिए कई पाक नागरिक जिसमें शाहिद हलीम, हुमायूं नजर का नाम भी शामिल है, सहित कई लोग पाकिस्तान के बजाय ब्रिटेन का वीजा बनवाकर यहां आते थे। वे सभी यहां बशीर आलम के चैंबर आते थे और रजिस्ट्री करके चले जाते थे।

बशीर केयरटेकर को सौंप गए थे चैंबर
अधिवक्ता शाह बशीर आलम करीब 70 वर्ष की उम्र में अपने बेटे के पास पाकिस्तान जाते समय अपने चैंबर को उन्हीं के यहां काम करने वाले अब्दुल गफ्फार को सौंप गए थे। जिस पर आज भी गफ्फार के परिजनों का कब्जा है।
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इस संबंध में उनके पास शिकायत आई है। इसकी जांच के लिए इसे पुलिस विभाग को भेज दिया है। जैसी रिपोर्ट आएगी, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।  -अतुल कुमार अपर जिलाधिकारी नगर
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