रनियां। मार्ग दुर्घटना में अजय और आदित्य की मौत होने के बाद दोनों परिवारों में कोहराम मच रहा। बुधवार देर शाम शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचे तो मातम छा गया। दोस्तों के शव एक साथ देख हर किसी की आंख नम हो गई।
अजय की मां सुनीता देवी और आदित्य की मां गायत्री का रो रोकर बुरा हाल था। परिवार के लोग एक दूसरे को ढांढस बंधाते नजर आए। अजय के पिता के पिता रामसजीवन ने बताया कि बेटा डेढ़ माह से लुधियाना में काम करता था। रिश्तेदारी में शादी होने के कारण मंगलवार की सुबह घर आया था। इधर आदित्य के पिता श्रीकांत ने बताया कि आदित्य इस वर्ष इंटर मीडिएट की पढ़ाई कर रहा था। 22 फरवरी से इंटर की परीक्षा होनी है। मेरा बेटा अब इंटर की परीक्षा भी नही दे सका, यह कहकर फूट फूटकर रोने लगे।
एक बाइक पर चार सवार नहीं होते तो बच जाती जान
रनियां। घटना के बाद चर्चा रही कि अजय, ज्ञानू, आदित्य और अमन शादी में शामिल होने के बाद चिरौरा से एक ही बाइक पर लौट रहे थे। बताया जाता है कि बाइक अजय बाइक चला रहा था। यदि चारों एक बाइक पर सवार न होते तो शायद हादसा न होता।
क्षेत्र के हाईवे किनारे वाहनों के अवैध पार्किंग राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है।मंगलवार रात बाइक सवार भी एक ढाबे के किनारे खड़े ट्रक से टकराए। बता दें कि रायपुर से बारा तक हाईवे किनारे कई ढाबे हैं। यहां पर रात में अवैध ढंग से पार्किंग होती है। प्रशासन और पुलिस के बीच कई बैठकें हुई लेकिन इस पर कारगर प्रयास नहीं हो सके।
-
हाईवे के डेंजर प्वाइंट-
रायपुर तिराहा, राजेंद्र चौराहा, रायपुर बंबा, मंटोरा चौराहा, चिटिकपुर, किशरवल रोड, रनियां पडाव, खानचंद्रपुर खंडजा व उमरन ढाबा आदि।