हरदोई जिले में सदर तहसील सभागार में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे बाराबंकी में तैनात पुलिस कर्मी ने एसडीएम के सामने शिकायती पत्र और पांच हजार रुपये रख दिए। एसडीएम से हाथ जोड़कर बोला कि लेखपाल दस हजार रुपये ले चुका है। अब आपके नाम पर पांच हजार रुपये मांग रहा है। रुपये ले लो, लेकिन दाखिल खारिज करवा दो, बहुत दौड़ना पड़ता है।
अचानक हुई इस घटना से सभागार में सनसनी फैल गई। एसडीएम सन्न रह गए और फिर सिपाही की पूरी बात सुनने के बाद संबंधित लेखपाल के खिलाफ जांच के आदेश दिए। लेखपाल से जवाब तलब भी किया गया है। सदर तहसील क्षेत्र के उतरा गांव निवासी कपिल दीक्षित बाराबंकी जनपद के असंडा थाने में सिपाही हैं। उन्होंने अपने प्लॉट का दाखिल खारिज कराने के लिए अभिलेख क्षेत्रीय लेखपाल को दिए थे। कपिल के मुताबिक लेखपाल ने दाखिल खारिज कराने के नाम पर दस हजार रुपये ले लिए थे। इसके बाद भी दाखिल खारिज नहीं हो पाया तो उसने लेखपाल से पूछा।
कपिल का कहना है कि लेखपाल ने बताया कि एसडीएम को अभी पांच हजार रुपये देने पड़ेंगे तभी काम हो पाएगा। इस पर शनिवार को कपिल दाखिल खारिज संबंधी प्रार्थना और शिकायती पत्र लेकर एसडीएम सदर एसके मिश्रा के पास पहुंचा और मेज पर ही रुपये व प्रार्थना पत्र रखकर मदद मांगी। अचानक हुई इस घटना से एसडीएम सकते में आ गए।
एसडीएम ने कहा कि हमारे न्यायालय में दाखिल खारिज का मामला नहीं आता फिर किसने कहा। इस पर सिपाही ने लेखपाल का नाम लिया। बीस मिनट तक अफरातफरी का माहौल रहा और फिर एसडीएम ने लिखित बयान लिए। एसडीएम एसके मिश्रा ने बताया कि लेखपाल से जवाब तलब किया गया है। मामले की जांच भी कराई जा रही है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि कपिल ने दाखिल खारिज कराने के लिए बैनामे की छायाप्रति दी थी और मूल प्रति नहीं दी थी। मामला नायब तहसीलदार हरियावां के न्यायालय में है।