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Kanpur News: आवेदनों पर संस्थानों की मनमानी से 20 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति फंसी

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इटावा। संस्थानों की मनमानी और अधिकारियों की उदासीनता से लगभग 20 हजार छात्रों की छात्रवृत्ति अधर में लटकी है। माध्यमिक से लेकर डिग्री कॉलेजों संचालकों की ओर से छात्रवृत्ति अग्रसारित करने में मनमानी की जा रही है। वहीं विभागीय कार्रवाई सिर्फ नोटिस और चेतावनी देने तक सीमित है। इस कारण छात्रवृत्ति पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।
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बता दें कि सरकार की ओर से जरूरतमंद छात्रों को छात्रवृत्ति दी जाती है। इससे हर साल बड़ी संख्या में छात्रों को आर्थिक मदद मिलती है। माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत कक्षा नौ से 12 तक के छात्रों के छात्रवृत्ति फॉर्म भरने का सिलसिला दो जुलाई से शुरू हो गया था। छात्रों की ओर से इन फार्मों को भरने की अंतिम तिथि 30 अक्तूबर निर्धारित थी।
इसके साथ छात्रों की ओर से किए गए आवेदनों को संबंधित संस्थान की ओर से छह नवंबर तक अग्रसारित करना था, लेकिन लगभग 150 संस्थानों की ओर से तय समय में इन फार्मों को अग्रसारित नहीं किया गया। इससे सामान्य, पिछड़ा और एससी वर्ग के छात्रों के लगभग 5,000 हजार आवेदन अग्रसारित ही नहीं हो सके और पोर्टल बंद हो गया। अब विभाग की ओर पोर्टल खोले जाने की मांग की जा रही है।
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यही हाल स्नातक छात्रों के आवेदनों का है। स्नातक के सामान्य और पिछड़ा वर्ग के छात्रों को 10 जुलाई से 20 दिसंबर तक छात्रवृत्ति आवेदन करने हैं जबकि एससी-एसटी छात्र 31 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। वहीं सामान्य व पिछड़ा वर्ग के आवेदन कॉलेजों की ओर से 10 जनवरी और एससी-एसटी वर्ग के आवेदन 16 अप्रैल तक अग्रसारित करने हैं। स्नातक करवाने वाले संस्थान भी सक्रियता नहीं दिखा रहे है। सभी वर्गों में अब तक आए लगभग 22 हजार आवेदनों में सिर्फ सात हजार आवेदनों को ही अग्रसारित किया गया है जबकि 15 हजार आवेदन अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं।

कक्षा नौ से 12 तक लंबित छात्रवृत्ति आवेदन
सामान्य और एससी वर्ग- 2800
पिछड़ा वर्ग- 2000
अल्पसंख्यक- 200

पिछड़ा वर्ग- 8661
एससी वर्ग- 3876
सामान्य वर्ग- 2201
अल्पसंख्यक- 561

सभी संस्थानों को तय समय में छात्रवृत्ति आवेदन अग्रसारित करने के निर्देश दिए जाते हैं। इसके साथ ही डीआईओएस के माध्यम से भी पत्र जारी करवाए जाते हैं। इसके बाद भी संस्थानों की ओर से लापरवाही बरती जा रही है। इस संबंध में बीते सप्ताह सीडीओ की ओर से भी तय समय में छात्रवृत्ति आवेदन अग्रसारित न करने वाले संस्थानों को चेतावनी दी गई थी। स्नातक के लिए अभी समय है, लेकिन कक्षा नौ से 12 तक के लिए पोर्टल बंद हो गया है। ऐसे में शासन से जो भी निर्देश मिलेंगे, उसी अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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संध्या रानी बद्येल, जिला समाज कल्याण अधिकारी
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