जय श्रीराम का विरोध करने वाले अखिलेश यादव अब जय परशुराम कह रहे हैं। परशुराम की मूर्ति लगवाने की बात कह वह ब्राह्मणों के वोट से सत्ता हासिल कर उत्तर प्रदेश को लूटने का स्वप्न देख रहे हैं। ये आरोप भाजपा सांसद सुब्रत पाठक ने शनिवार को पत्रकारों से चर्चा में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पर लगाया।
सांसद सुब्रत ने कहा कि शायद अखिलेश को पता नहीं कि ब्राह्मण जातिवादी नहीं बल्कि राष्ट्रवादी है। वह भारत माता की पूजा करता है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा अखिलेश हमारे महापुरुषों, हमारे भगवानों को जातियों में न बांटें।
अखिलेश राम को क्षत्रिय, कृष्ण को यादव और परशुराम को ब्राह्मण बता कर समाज की एकता को तोड़ने का प्रपंच रच रहे हैं, यह ठीक नहीं। सांसद ने कहा कि अखिलेश निर्दोष राम भक्तों की हत्या में घिरे अपने पिता से पूछें तो वह बताएंगे देश का ब्राह्मण जातिवादी नहीं बल्कि राष्ट्रवादी है और भारत माता की पूजा करता है।
सांसद ने कहा कि सुना है सपा भगवान परशुराम की मूर्ति लगवा रही है। उनके इस कदम का स्वागत करता हूं लेकिन अखिलेश से पूछना चाहता हूं कि यह उनका ब्राह्मण वोट लेने का हथकंडा है या पिता-पुत्र की ओर से ब्राह्मणों पर किए अत्याचारों का प्रायश्चित है।